Kheria Autocomp IPO Listing: तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए प्लास्टिक पार्ट्स बनाने वाली खेरिया ऑटोकॉम्प शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल करीब ढाई गुना बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹101 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹104.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 3.86% का लिस्टिंग गेन (Kheria Autocomp Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹104.50 (Kheria Autocomp Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 3.47% मुनाफे में हैं।
Kheria Autocomp IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
खेरिया ऑटोकॉम्प का ₹46 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.08 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 45,98,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹39.96 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹1.43 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹5.06 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Kheria Autocomp के बारे में
खेरिया ऑटोकॉम्प गाड़ियों के पार्ट्स बनाती है। यह प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक के जरिए प्लास्टिक को ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाती है। हालांकि यह सीधे पैसेंजर गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को माल नहीं बेचती है यानी कि यह टियर-2 सप्लायर है। इसके प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह केबिन ट्रिम, कार के बाहर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के पार्ट्स, बोनट के नीचे इंजन कंपार्टमेंट में लगने वाले कंपोनेंट्स, एसी और वेंटिलेशन सिस्टम के लिए प्लास्टिक डक्ट्स बनाती है तो अलग-अलग कंपोनेंट्स जोड़कर एक एसेंबली बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में टाटा वेंडर पार्क में है। इस फैसिलिटी में 30 इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन हैं, जिसकी क्षमता 120-1700 टन है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 86% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.42 करोड़ और टोटल इनकम करीब 39% के सीएजीआर से ₹120.30 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹35.03 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹28.27 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।