NSE IPO Listing: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के शेयरों की आज BSE पर 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1785 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1800.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.84% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹1,878.00 (NSE Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.21% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹108 के डिस्काउंट पर मिला है।
कैसा रिस्पांस मिला था NSE IPO को
एनएसई का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.40 गुना भरा था।
एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में शुमार है। इसकी शुरुआत साल 1992 में हुई थी। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड्स जैसे एसेट क्वास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और रेगुलेटरी ओवरसाइट को लेकर एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम मुहैया कराती है।
एनएसई ने देश में लगातार कैश मार्केट टर्नओवर, इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 26.13 करोड़ से अधिक निवेशक रजिस्टर्ड हैं तो 12.9 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स और 1328 ट्रे़डिंग मेंबर्स हैं। इसके अलावा एनएसई पर 3005 कंपनियां लिस्टेड हैं जिनका जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ है। इसके अलावा मार्च 2026 के आखिरी में कैश मार्केट में टर्नओवर के हिसाब से एनएसई की हिस्सेदारी 99.79%, इक्विटी फ्यूचर्स में 74.71%, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड की भी वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में 88.42%, इक्विटी डेरिवेटिव्स में 91.04% और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09% हिस्सेदारी है।
एक्सचेंज के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 11% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ पर आ गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹5,252.17 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में एक्सचेंज के रिजर्व और सरप्लस में ₹34,996.73 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।