Korea effect on US-Japan: यूके, अमेरिका और जापान के फंड मैनेजर्स अब ट्रेडिंग शुरू होने से पहले दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट पर एक नजर डाल रहे हैं। एक समय था कि दक्षिण कोरिया का बाजार लंदन, न्यूयॉर्क और टोक्यो के फंड मैनेजर्स के लिए बहुत अहम नहीं था लेकिन अब $4 लाख करोड़ का इक्विटी मार्केट एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रहा है। दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में उतार-चढ़़ाव अब दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों पर असर डाल रही है। खास बात ये है कि एसके हीनिक्स (SK Hynix) की अमेरिका में हाल ही लिस्टिंग हुई जिससे कोरिया का असर अमेरिका तक पहुंच गया और अब कोरिया की सेंटीमेंट-आधारित ट्रेडिंग अब चौबीसों घंटे ग्लोबल एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रही है।
दक्षिण कोरिया की वॉचलिस्ट में एंट्री
निवेश के तौर-तरीके बदल रहे हैं। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के एशिया मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ने अपनी 14 साल की नौकरी में पहली बार कंपनी की ग्लोबल टीम के सामने कोरिया पर एक प्रेजेंटेशन दिया। जापानी ट्रेडर् दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स को अपनी वॉच लिस्ट में शामिल कर रहे हैं। पाइनब्रिज इन्वेस्टमेंट्स के लंदन-स्थित पोर्टफोलियो मैनेजर हनी रेढा (Hani Redha) का कहना है कि अब सभी कोरियाई निवेशक हैं। हनी का कहना है कि उनके दिन की शुरुआत अब कोरियाई बाजार में एआई ट्रेडिंग को देखने से होती है। जब कोरियाई बाजार बंद हो जाता है तो उनका ध्यान अमेरिकी मार्केट में एसके हीनिक्स के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स और कोरिया से जुड़े ईटीएफ (ETFs) पर चला जाता है। हनी के मुताबिक यह लगभग 24 घंटे नजर रखने जैसा है।
वैश्विक बाजारों पर गहरा असर
कोरियाई मार्केट का अमेरिका में असर पिछले हफ्ते साफ तौर पर दिखा। एआई की मांग को लेकर संदेहों पर कोस्पी में करीब 9% की गिरावट आई तो इसकी आंच अमेरिकी मार्केट तक फैल गई। एसके हीनिक्स के अमेरिकी लिस्टेड स्टॉक्स में 9.3% की फिसलन आई जिससे दूसरी बड़ी चिप कंपनियों के शेयर भी धड़ाम हो गए। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कोरिया और अमेरिका के बीच गहरे संबंध अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया के मार्केट इंडेक्स कोस्पी और अमेरिकी मार्केट के इंडेक्स नास्डाक 100 के बीच 60-दिनों का कोरिलेशन बढ़कर 0.46 पर पहुंच गया जोकि दो साल में सबसे अधिक है और पांच साल के औसत 0.16 से करीब तीन गुना अधिक है।
कोरियाई स्टॉक्स का असर मार्केट की गिरावट में और दिखता है। ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार 7 जुलाई को कोरियाई बाजार में कमजोरी के दौरान कोस्पी के प्रति नैस्डैक 100 इंडेक्स की संवेदनशीलता साल 1990 के बाद से सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई। इसी तरह MSCI वर्ल्ड इंडेक्स के लिए भी यह पैमाना इस महीने की शुरुआत में चार साल के हाई लेवल पर पहुंच गया।
न्यूयॉर्क में टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर इवान फीनसेथ का कहना है कि कोरिया असल में नैस्डैक और एसओएक्स जैसे ही उतार-चढ़ाव वाले इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है। उनका कहना है कि एसके हीनिक्स, सैमसंग और कोस्पी अब अमेरिकी एआई और चिप से जुड़े रिस्क के लिए प्री-मार्केट इंडिकेटर का काम कर रहे हैं।
कोस्पी और जापान के निक्केई 225 के बीच भी कोरिलेशन यानी संबंध तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से ऑर्टस एडवाइजर्स के जापान इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड एंड्रयू जैक्सन ने इस साल की शुरुआत में बारीकी से नजर रखने के लिए कोस्पी का चार्ट शामिल किया। उन्होंने यह काम 20 साल से अधिक समय में पहली बार किया है। एचएसबीसी होल्डिंग्स में एशिया पैसिफिक के इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड हेराल्ड वैन डेर लिंडे का कहना है कि आजकल सभी मीटिंग में कोरिया पर चर्चा होती है। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट में एशिया पैसिफिक के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ताई हुई का भी कहना है कि इस साल से पहले अपनी ग्लोबल टीम के सामने उन्होंने कोरिया के बारे में कोई प्रेजेंटेशन नहीं दिया था।"
बना रहेगा कोरिया का वैश्विक मार्केट पर असर?
अब सवाल उठता है कि क्या दक्षिण कोरिया अब वैश्विक मार्केट के लिए अहम इंडिकेटर बना रहेगा। इसे लेकर यूबीएस सुमी ट्रस्ट वेल्थ मैनेजमेंट में जापान इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट चिसा कोबायाशी (Chisa Kobayashi) का कहना है कि जब तक एआई रैली जारी है, दक्षिण कोरियाई मार्केट अहम बना रहेगा। हालांकि उनका कहना है कि मार्केट में लेवरेज से जुड़े उतार-चढ़ाव और कम मेच्योर मार्केट की वजह से ट्रेडिंग मुश्किल हो जाती है क्योंकि यह फंडामेंटल्स से उल्टी दिशा में आगे बढ़ सकता है।
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