IOC, HPCL और बीपीसीएल के लौटने वाले हैं अच्छे दिन, जानिए कोटक ने रिपोर्ट में क्या कहा है

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि हाल में सरकारी ऑयल कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि OMC को FY27 में किसी तरह का लॉस नहीं होगा। ऑयल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल तक बनी रहती है तो इन कंपनियों की अर्निंग्स FY28 और FY29 में स्ट्रॉन्ग रह सकती है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 9:59 AM
अमेरिका-ईरान में डील की खबर से क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।

क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की प्रॉफिट कमाने की क्षमता में रिकवरी आई है। इस वजह से कोटक ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के शेयरों पर अपनी सलाह 'सेल' से बदलकर 'रिड्यूश' कर दी है।

मार्केटिंग मार्जिन में इम्प्रूवमेंट 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि हाल में सरकारी ऑयल कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। हालांकि, कोटक ने अब भी इन शेयरों को लेकर अपना सावधान रुख बनाए रखा है। उसने तीनों में से किसी शेयर को पॉजिटिव रेटिंग नहीं दी है। उसने IOC के शेयरों के लिए 150 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। एचपीसीएल के शेयरों के लिए 400 और बीपीसीएल के शेयरों के लिए 320 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।


बीते एक साल में कमजोर प्रदर्शन

एचपीसीएल का शेयर 19 जून को 392 रुपये पर बंद हुआ था। बीते एक साल में इस शेयर की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। बीपीसीएल का शेयर 306.90 रुपये पर बंद हुआ। यह बीते एक साल में करीब 2 फीसदी गिरा है। IOC का शेयर 143.58 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह करीब 3 फीसदी चढ़ा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में बीते एक काल में करीब 4 फीसदी गिरावट आई है।

आगे स्ट्रॉन्ग अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकारी ऑयल मार्केकटिंग कंपनियों (OMC) को FY27 में किसी तरह का लॉस नहीं होगा। उसने कहा है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल तक बनी रहती है तो इन कंपनियों की अर्निंग्स FY28 और FY29 में स्ट्रॉन्ग रह सकती है। हालांकि, इस साल के शुरुआती महीनों में ओएमसी के लिए स्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण रही। मध्यपूर्व में तनाव की वजह से क्रूड का भाव एक समय 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

यह भी पढ़ें:  23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट 

क्रूड में नरमी से बदली तस्वीर 

अमेरिका-ईरान में डील की खबर से क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड का भाव तो 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। यह देश की इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। इस वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल से इंपोर्ट बिल काफी बढ़ जाता है। विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ जाता है। इससे रुपये में कमजोरी आती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।