कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने अपने एग्जिट की वजह बताई है। उन्होंने बताया कि क्यों तीन साल से ज्यादा समय तक बैंक की कमान संभालने के बाद उन्होंने एग्जिट का फैसला लिया। सीएनबीसी-टीवी18 की ऋतु सिंह के साथ बातचीत में उन्होंने कई अहम बातें बताईं।
एग्जिट का इसके अच्छा वक्त नहीं हो सकता था
वासवानी ने कहा, "व्यक्तिगत स्तर पर अपनी पारी पर विराम लगाने का इससे अच्छा वक्त नहीं हो सकता था। बीते साढ़े तीन साल काफी मुश्किल रहे।" उनका इशारा टेक्नोलॉजी इंबार्गो से था, जिससे बैंक को गुजरना पड़ा। पूरी मैनेजमेंट टीम नए सिरे से बनानी पड़ी। बैंक के पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रो-फाइनेंस बुक्स को ठीक करने पड़ा।
कोटक बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह तैयार
उन्होंने बताया कि लायबिलिटी के मामले में बैंक पर काफी दबाव था। अब पूरे ग्रुप में एक समान स्ट्रेटेजी है। यह अपनी पारी को विराम देने का सही वक्त था, क्योंकि बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह से तैयार है। कोटक महिंद्रा बैंक देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। यह अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए एएमसी, इंश्योरेंस, सिक्योरिटीज सहित कई सेगमेंट में मौजूदा है।
व्यक्तिगत कारणों से किया पद छोड़ने का फैसला
अपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "मैं नाना बन गया। मेरी बेटी सैन फ्रांसिस्को में है। मेरी बेटी अपने पास मुझे बुला रही थी, इससे यह और भी जरूरी हो गया।" उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का फैसला उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों से किया था। उन्होंन बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक तय समयसीमा के अंदर उनके उत्तराधिकारी के नाम आरबीआई को सौंप देगा।
फॉरेन डिपॉजिट से बैंक की डिपॉजिट बुक मजबूत होगी
कोटक महिंद्रा बैंक के कारोबारी प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस की बात है तो बैंक गिफ्ट सिटी से एफसीएनआरबी बिजनेस करेगा। हालांकि, यह अभी काफी शुरुआती अवस्था में है। फॉरेन डिपॉजिट से बैंक को अपनी डिपॉजिट बुक मजबूत करने और स्टैबिलिटी हासिल करने में मदद मिलेगी।
इस साल करीब 12 फीसदी गिरा है कोटक बैंक का शेयर
उन्होंने कहा कि बैंक का मार्जिन पिछले लगातार तीन सालों से फ्लैट है। साल दर साल आधार पर क्रेडिट कॉस्ट में काफी कमी आई है। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर यह बढ़ा है। उन्होंने इसकी वजह बढ़ते स्लिपेज को बताया। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 17 जुलाई को 3.59 फीसदी चढ़कर 390.70 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 11.92 फीसदी गिरा है।