इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ दो समझौते किए हैं। इसके तहत L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस 1,400 करोड़ रुपये में Vyoma को ट्रांसफर करेगी। इसके अलावा, L&T Network Services में अपनी पूरी हिस्सेदारी 30 करोड़ रुपये में बेचेगी।
शेयर जारी करके होगा भुगतान
L&T ने 11 अगस्त को यह समझौता किया है। डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यानी कारोबार को एक चालू बिजनेस के तौर पर दूसरी कंपनी को दिया जाएगा।
इसके बदले Vyoma, L&T को पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर जारी करेगी। अंतिम रकम क्लोजिंग के समय होने वाले बदलावों के आधार पर तय होगी।
डेटा सेंटर बिजनेस का कितना कारोबार?
L&T के डेटा सेंटर बिजनेस का FY26 में रेवेन्यू 36.6 करोड़ रुपये रहा था। यह L&T के स्टैंडअलोन रेवेन्यू का सिर्फ 0.025% था। इस कारोबार की नेटवर्थ 1,142 करोड़ रुपये थी। यह L&T की स्टैंडअलोन नेटवर्थ का 1.565% है।
सौदा 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए समझौते में तय शर्तों को पूरा करना होगा।
नेटवर्क सर्विस कंपनी भी ट्रांसफर होगी
L&T अपनी L&T Network Services Private Ltd में 100% हिस्सेदारी भी Vyoma को देगी। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपये तय की गई है। इसका भुगतान भी Vyoma के इक्विटी शेयर जारी करके किया जाएगा।
सौदा पूरा होने के बाद L&T Network Services, Vyoma की सब्सिडियरी बन जाएगी। वहीं, L&T की यह अप्रत्यक्ष सब्सिडियरी रहेगी।
Vyoma.AI को 22 अप्रैल 2026 को बनाया गया था। कंपनी का मकसद डेटा सेंटर स्थापित करना है। इसके अलावा यह इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देगी। FY26 में कंपनी का कोई रेवेन्यू या नेटवर्थ नहीं था। L&T के मुताबिक, डेटा सेंटर बिजनेस का ट्रांसफर किसी स्कीम ऑफ अरेजमेंट के तहत नहीं हो रहा है।
मंगलवार को L&T का शेयर 0.70% गिरकर 4,040 रुपये पर बंद हुआ।
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