Laser Power & Infra IPO Listing: पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) इक्विपमेंट बनाने वाली लेजर पावर एंड इंफ्रा लिस्टिंग के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹214 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹269.00 और NSE पर ₹250.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 26% का लिस्टिंग गेन (Laser Power Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹260.00 (Laser Power Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 21.50% मुनाफे में हैं।
Laser Power & Infra IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 97.25 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 45.69 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 6.95 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹542 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 93,45,793 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹499 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Laser Power & Infra के बारे में
पश्चिम बंगाल में अपनी तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में लेजर पावर एंड इंफ्रा पावर केबल, कंडक्टर और T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) के अन्य पार्ट्स बनाती है। इन यूनिट्स की कुल क्षमता 85,448 टन है। कंपनी अपने EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन बिजनेस के जरिए गांवों में इलेक्ट्रिफिकेशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर और सबस्टेशन प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। वित्त वर्ष 2026 में इसके कुल रेवेन्यू में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 73% थी और बाकी 27% EPC बिजनेस का।
वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ पर पहुंचा था। रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद इसे मजबूत ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और मार्जिन में विस्तार से सपोर्ट मिला था। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 9.5% फिसलकर ₹2,326.1 करोड़ पर आ गया लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20.4% बढ़कर ₹301.4 और ऑपरेटिंग मार्जिन 321 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 12.95% हो गया। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसका ऑर्डर बुक ₹3,243.4 करोड़ था जिसमें ₹1,668.9 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का था। 17 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर ₹935.7 करोड़ का कर्ज था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।