क्या हाई वैल्यूएशन के बीच आपको मोटा रिटर्न देने वाले शेयरों की तलाश करने में दिक्कत आ रही है? आप आईटी और केमिकल शेयरों पर दांव लगा सकते हैं। एलजीटी वेल्थ इंडिया के एमडी और चीफ इनवेस्टमेंट अफसर (सीआईओ) राजेश चेरुवु ने आईटी और केमिकल कंपनियों के शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताया। चेरुवु को फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री का दो दशक से ज्यादा अनुभव है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आईटी कंपनियों के खराब वक्त बीत चुका है। केमिकल सेक्टर मेंभी हालात बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
निवेशकों को उतारचढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए
क्या मार्केट में आगे गिरावट आ सकती है? इसके जवाब में चेरुवु ने कहा कि पिछले कुछ समय से मार्केट चढ़ रहा है। लेकिन, कई चुनौतियां दिख रही हैं। जियोपॉलिटिकल टेंशन को लेकर चिंता बनी हुई है। वैल्यूएशन हाई लेवल पर है। पहली तिमाही में कॉर्पोरेट अर्निंग्स में सुस्ती दिखी है। इसके अलावा इंटरेस्ट रेट में ज्यादा कटौती की उम्मीद नहीं दिख रही। उधर, अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों का असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ना तय है। ऐसे में मार्केट की आगे की दिशा में पक्के तौर पर कुछ बताना मुश्किल है। निवेशकों को खुद को मार्केट में उतारचढ़ाव के लिए तैयार रखना चाहिए। मार्केट में कुछ करेक्शन आ सकता है। लेकिन, बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं दिख रही। करेक्शन आने पर बाजार में बना कुछ बुलबुला खत्म हो जाएगा।
यह डेट फंडों में निवेश का सही समय
क्या इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद को देखते हुए यह डेट फंडों में निवेश करने का सही वक्त है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका में अभी रियल इंटरेस्ट रेट्स 250-275 बेसिस प्वाइंट्स के बीच है। इनफ्लेशन में नरमी आ रही है, जिससे उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व रियल इंटरेस्ट रेट को कम कर करीब 150 बेसिस प्वाइंट्स पर लाएगा। इसका मतलब है कि आने वाली कुछ तिमाहियों में इंटरेस्ट रेट्स में 100-125 बेसिस प्वाइंट्स की कमी की जा सकती है।
इंटरेस्ट रेट घटने से डेट फंडों का अट्रैक्शन बढ़ेगा
इंडिया और अमेरिका दोनों में सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड कई साल के हाई लेवल पर है। यह निवेशकों के लिए डेट फंडों में निवेश का अच्छा मौका है। इंटरेस्ट रेट्स घटने पर बॉन्ड्स की कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी। जब इंटरेस्ट रेट घट रहा हो तो डेट फंडों में निवेश से दो तरह से फायदे होते हैं। निवेशक को कैपिटल एप्रिसिएशन के साथ स्टेबल इनकम होती है। साथ ही इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन होता है।
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अभी आईटी और केमिकल सेक्टर में निवेश के मौके
अभी कहां निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिल सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में आईटी और केमिकल सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। आईटी कंपनियों के लिए बुरा दौर खत्म हो चुका है। अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट घटने पर कंपनियों पर वित्तीय बोझ घटेगा, जिससे वे आईटी पर खर्च बढ़ा सकेंगी। वैश्विक अनिश्चितता और इनफ्लेशन की वजह से कंपनियों ने अपना आईटी बजट घटाया था। अब हालात ठीक होने के संकेत दिख रहे हैं। इससे आईटी सेक्टर में रौनक लौट सकती है। इसी तरह केमिकल सेक्टर में भी हालात बदल रहे हैं। कंपनियों की चैनल इनवेंट्री घटी है और कच्चे माल की कॉस्ट में कमी आई है। इससे FY25 की दूसरी छमाही में कंपनियों के मार्जिन में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।