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Rajesh Exports में LIC की 10% हिस्सेदारी, विदेशी निवेशकों की भी 14% होल्डिंग

LIC holding in Rajesh Exports: राजेश एक्सपोर्ट्स एक बार फिर नियामकीय जांच के दायरे में आ गई। इसका असर तगड़ा दिख सकता है क्योंकि देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस एलआईसी की इसमें 10% से अधिक होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की भी इसमें 14% से अधिक हिस्सेदारी है। जानिए कि सेबी ने इस पर कार्रवाई क्यों की है और इससे पहले कंपनी नियामकीय जांच के दायरे में क्यों आई

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 04, 2026 पर 10:44 AM
Rajesh Exports में LIC की 10% हिस्सेदारी, विदेशी निवेशकों की भी 14% होल्डिंग
LIC की Rajesh Exports में करीब 10.80% हिस्सेदारी है और कम से कम सितंबर 2023 से अब तक न तो कोई शेयर खरीदा है और न ही बेचा है।

देश की सबसे बड़ी इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर और देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी (LIC) की उस राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) में 10% से अधिक हिस्सेदारी है, जिस पर बाजार नियामक सेबी (SEBI) का डंडा चला है। सिर्फ यही नहीं, इसमें विदेशी निवेशकों की भी करीब 14% हिस्सेदारी है। ऐसे में समझ सकते हैं कि राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी की कार्रवाई का असर गहरा होने वाला है। सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स और इसके चेयरमैन और एमडी राजेश मेहता के खिलाफ ऑर्डर जारी किया है। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब कंपनी ऐसी दिक्कतों से जूझ रही है, इससे पहले भी वह नियामकीय जांच के दायरे में आ चुकी है।

वर्ष 2023 में एनएसई ने वित्त वर्ष 2022-23 के कैश फ्लो स्टेटमेंट का खुलासा नहीं करने पर राजेश एक्सपोर्ट्स से स्पष्टीकरण मांगा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने सितंबर 2023 तिमाही के रिजल्ट के साथ वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के कैश फ्लो स्टेटमेंट और प्रॉपर ऑडिट रिपोर्ट नहीं पेश किया था।

Rajesh Exports पर SEBI ने क्यों की कार्रवाई

सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स के साथ-साथ इसके चेयरमैन और एमडी राजेश मेहता के खिलाफ अंतरिम एक्स-पार्टे ऑर्डर यानी किसी पूर्व नोटिस के अंतरिम ऑर्डर जारी किया है। सेबी ने शुरुआती जांच में वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने, फंड के गलत तरीके से ट्रांसफर और जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए हैं। सेबी के मुताबिक कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान लगभग ₹15.15 लाख करोड़ के कंसालिडेटेड रेवेन्यू को गलत तरीके से पेश किया, जो उस दौरान कंपनी के कुल कंसालिडेटेड रेवेन्यू का करीब 99.80% है।

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