Repo Rate History: 8% से 4% और फिर अब 5.25% रेपो रेट, 16 साल में ऐसा रहा EMI का सफर

Repo Rate History: इस वित्त वर्ष 2027 में आरबीआई (RBI) के मौद्रिक नीतियों के कमेटी (MPC) की दूसरी बैठक 3 जून को ही शुरू हो चुकी है। इसमें रेपो रेट को लेकर क्या फैसला किया गया, इसके बारे में कल यानी 5 जून को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ऐलान करेंगे। उससे पहले जानिए कि रेपो रेट को लेकर पिछले 16 वर्षों में आरबीआई का रुझान कैसा रहा है

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 10:24 AM
Repo Rate News: रेपो रेट RBI का एक मॉनीटरी पॉलिसी टूल है, जिसके जरिए यह इनफ्लेशन, लिक्विडिटी और इकनॉमिक ग्रोथ को मैनेज करता है।

Repo Rate History: केंद्रीय बैंक आरबीआई (RBI) हर दो महीने पर मौद्रिक नीतियों को रिव्यू करता है और फिर उसके बाद रेपो रेट का ऐलान होता है। आरबीआई के ऐलान में सिर्फ रेपो रेट का ही जिक्र नहीं होता है बल्कि इसके साथ ही मार्केट की नजर इनफ्लेशन और इकॉनमी को लेकर आरबीआई गवर्नर के बयान पर भी रहती है। फिलहाल रेपो रेट की बात करें तो पिछले 16 वर्षों में इसमें काफी उतार-चढ़ाव हुआ है और यह 5% से बढ़कर 8% पर पहुंचा जिससे लुढ़ककर यह 4% तक आया और फिर इसके बाद ऊपर जाने लगा।

रेपो रेट को मार्च 2010 में 25 बीपीएस बढ़ाकर 5.00% किया गया था जिसके बाद धीरे-धीरे यह जनवरी 2014 में 8.00% पर पहुंच गया। इसके बाद धीरे-धीरे यह नीचे आया और कोरोना महामारी के दौरान 4% तक आ गया था। कई महीनों तक यह इस निचले स्तर पर बना रहा और फिलहाल उठा-पटक के साथ 5.25% पर है। यहां पिछले 16 वर्षों में रेपो रेट में कब-कितना बदलाव हुआ, इसकी डिटेल्स दी जा रही है।

Repo Rate History: 16 वर्षों में ऐसा रहा उतार-चढ़ाव

प्रभावी तारीख रेपो रेट बदलाव
19 मार्च 2010 5.00% +0.25%
20 अप्रैल 2010 5.25% +0.25%
2 जुलाई 2010 5.50% +0.25%
27 जुलाई 2010 5.75% +0.25%
16 सितंबर 2010 6.00% +0.25%
2 नवंबर 2010 6.25% +0.25%
25 जनवरी 2011 6.50% +0.25%
17 मार्च 2011 6.75% +0.25%
3 मई 2013 7.25% +0.50%
20 सितंबर 2013 7.50% +0.25%
29 अक्टूबर 2013 7.75% +0.25%
28 जनवरी 2014 8.00% +0.25%
15 जनवरी 2015 7.75% -0.25%
4 मार्च 2015 7.50% -0.25%
2 जून 2015 7.25% -0.25%
29 सितंबर 2015 6.75% -0.50%
5 अप्रैल 2016 6.50% -0.25%
4 अक्टूबर 2016 6.25% -0.25%
2 अगस्त 2017 6.00% -0.25%
6 जून 2018 6.25% +0.25%
1 अगस्त 2018 6.50% +0.25%
7 फरवरी 2019 6.25% -0.25%
4 अप्रैल 2019 6.00% -0.25%
6 जून 2019 5.75% -0.25%
7 अगस्त 2019 5.40% -0.35%
6 फरवरी 2020 5.15% -0.25%
27 मार्च 2020 4.40% -0.75%
22 मई 2020 4.00% -0.40%
6 अगस्त 2020 4.00% 0.00%
9 अक्टूबर 2020 4.00% 0.00%
मई 2022 4.40% +0.40%
8 जून 2022 4.90% +0.50%
5 अगस्त 2022 5.40% +0.50%
30 सितंबर 2022 5.90% +0.50%
7 दिसंबर 2022 6.25% +0.35%
8 फरवरी 2023 6.50% +0.25%
8 जून 2023 6.50% 0.00%
18 सितंबर 2024 6.50% 0.00%
6 दिसंबर 2024 6.50% 0.00%
7 फरवरी 2025 6.25% -0.25%
9 अप्रैल 2025 6.00% -0.25%
6 जून 2025 5.50% -0.50%
6 अगस्त 2025 5.50% 0.00%
5 दिसंबर 2025 5.25% 0.25%


कितना अहम है रेपो रेट

रेपो रेट आरबीआई का एक मॉनीटरी पॉलिसी टूल है, जिसके जरिए यह इनफ्लेशन, लिक्विडिटी और इकनॉमिक ग्रोथ को मैनेज करता है। यह वह ब्याज दर है, जिस पर कमर्शियल बैंकों को आरबीआई से लोन मिलता है और इसके लिए वह गवर्नमेंट सिक्योरिटीज को गिरवी रखते हैं। रेपो रेट आम लोगों पर सीधे असर डालते हैं क्योंकि आम लोगों को किस रेट पर लोन मिलेगा, उस पर यह काफी असर डालता है। इसके कम होने पर लोन की किश्त कम होने की संभावना बढ़ती है तो अधिक होने पर ईएमआई यानी किश्त ऊपर जाने का खतरा रहता है।

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