सरकार ने कंपनियों के लिए लिस्टिंग के नियम आसान बना दिए हैं। नियमों में किए नए संशोधन के बाद लिस्टिंग के समय जिन कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए में ज्यादा रहेगा उन्हें सिर्फ 5 फीसदी शेयर बेचकर भी लिस्ट होने की इजाजत होगी। इस फैसले से LIC की लिस्टिंग आसान होगी।
ऐसी कंपनियों को लिस्टिंग के अगले दो साल के भीतर पब्लिक शेयर होल्डिंग 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करनी होगी। और अगले 5 साल में कंपनियों को पब्लिक होल्डिंग 25 फीसदी तक लाना होगा।
फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन रूल्स) में बदलाव किया है।
मिंट के मुताबिक, लॉ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर और कैपिटल मार्केट्स के हेड यश अशर ने कहा कि बहुत बड़ी कंपनियों के लिए 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचना मुश्किल काम है और भविष्य में इनकी चुनौती और बढ़ सकती है।
लेकिन नए बदलाव के बाद जिन कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होगा वो सिर्फ 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर लिस्ट हो सकती हैं।
इस बदलाव से बाकी कंपनियों को कुछ खास फायदा नहीं होगा। इससे सिर्फ LIC को लिस्ट होने में मदद मिलेगी।
इस साल फरवरी में सेबी ने मिनिमम पब्लिक ऑफर के नियमों को आसान बनाने की मंजूरी दी थी ताकि बड़ी कंपनियों को दिक्कत ना हो।
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