LIC के शेयर में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह 11:24 बजे इस शेयर का प्राइस 0.25 फीसदी की कमजोरी के साथ 803.70 रुपये था। यह शेयर बीसई और एनएसई में 17 मई को लिस्ट हुआ था। तब से लगातार यह शेयर गिर रहा है। इससे LIC के शेयर में पैसे लगाने वाले उसके पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स को काफी लॉस उठाना पड़ा है। सवाल है कि क्या इस शेयर का प्राइस गिरकर 800 रुपये से नीचे चला जाएगा?
Emkay Global ने निवेशकों को एलआईसी के शेयरों को 'Hold' करने की सलाह दी है। उसने इस शेयर के लिए 875 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स को अगले कुछ महीनों में इस शेयर में प्रॉफिट बुक करने का मौका नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स को यह शेयर 889 रुपये के भाव पर अलॉट किया गया था। रिटेल इनवेस्टर्स को यह शेयर 904 रुपये के प्राइस पर अलॉट हुआ था।
LIC का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। करीब 17 एनालिस्ट्स ने इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी थी। उन्होंने एलआईसी के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद भी जताई थी। एमके ग्लोबल ने कहा है कि एलआईसी का एजेंट नेटवर्क इसका बड़ा स्ट्रेंथ रहा है। इसके 13 लाख एजेंट देश के अलग-अलग हिस्सों में ग्राहकों तक एलआईसी के प्रोडक्ट्स पहुंचाते हैं।
एमके ग्लोबल ने एलआईसी के बड़े साइज को एक चैलेंज बताया है। करीब 60 फीसदी बाजार हिस्सेदारी वाली इस कंपनी के सामने कई ऑपरेटिंग चैलेंजेज हैं। सिंगल-प्रीमियम ग्रुप मैनेजमेंट बिजनेस में एलआईसी की ज्यादा हिस्सेदारी है। इससे लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करने में इसे मदद मिलती है। उधर, इस वजह से इसका कॉस्ट रेशियो घट जाता है। एमके ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एलआईसी का कमीशन और Opex Ratio प्राइवेट इश्योरेंस कंपनियों के मुकाबले ज्यादा है।
एलआईसी ने सोमवार को मार्च तिमाही के अपने नतीजों का ऐलान किया। उसने प्रति शेयर 1.5 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया। शेयरहोल्डर्स को अट्रैक्टिव डिविडेंड की उम्मीद थी। मार्च तिमाही में इसका कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट भी 17.41 फीसदी घट गया। हालांकि, नेट प्रीमियम इनकम 17.88 फीसदी बढ़ी।