Loan Moratorium : ईरान युद्ध और एनर्जी संकट के बीच सरकार की बड़ी तैयारी, MSMEs को लोन चुकाने से मिलेगी राहत

Loan Moratorium : MSMEs को 3 से 6 महीने तक EMI ना चुकाने की राहत मिल सकती है। वित्त मंत्रालय में लोन मोरेटोरियम के अलग-अलग प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। एनर्जी संकट से इंडस्ट्री पर पड़ रहे असर की समीक्षा जारी है। समीक्षा के बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इंडस्ट्री और एक्सपोर्टर्स ने मोरेटोरियम देने की मांग की है

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 3:43 PM
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ईरान वॉर पर सरकार पूरी तरह तैयार है। मोरेटोरियम पर मंथन बैंकिंग सेक्टर पर असर डालने वाली खबर है

Loan Moratorium : CNBC-आवाज़ की एक बड़ी 'EXCLUSIVE' खबर के मुताबिक ईरान युद्ध और एनर्जी संकट के बीच सरकार एक बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। सरकार MSME को मोरेटोरियम देने पर मंथन कर रही है। इस पर ज्यादा डिटेल में जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण राय ने बताया कि सरकार लोन रीपेमेंट पर मोरेटोरियम देने पर विचार कर रही है इसका मकसद ईरान वॉर से प्रभावित सेक्टर को राहत देना है। खासतौर से MSMEs को राहत देने पर विचार किया जा रहा है।

MSMEs को 3 से 6 महीने तक EMI ना चुकाने की मिल सकती है राहत 

MSMEs को 3 से 6 महीने तक EMI ना चुकाने की राहत मिल सकती है। वित्त मंत्रालय में लोन मोरेटोरियम के अलग-अलग प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। एनर्जी संकट से इंडस्ट्री पर पड़ रहे असर की समीक्षा जारी है। समीक्षा के बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इंडस्ट्री और एक्सपोर्टर्स ने मोरेटोरियम देने की मांग की है। सरकार भी MSMEs को ऑक्सीजन देने के लिए तैयार है। ईरान वॉर पर सरकार पूरी तरह तैयार है। मोरेटोरियम पर मंथन बैंकिंग सेक्टर पर असर डालने वाली खबर है


सरकार उद्योगों पर वर्तमान में चल रहे ऊर्जा संकट के असर की समीक्षा कर रही है। एनर्जी की बढ़ती लागत और इसकी सप्लाई में आ रही दिक्कतों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत की आर्थिक बुनियाद मज़बूत

इस बीच,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मज़बूत बनी हुई है और अन्य उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में,भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले "बिल्कुल ठीक चल रहा है"।

लोकसभा में रुपये के अवमूल्यन से जुड़े एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा,"भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है,हमारी राजकोषीय स्थिति मजबूत है और पूरी दुनिया हमारे राजकोषीय घाटे के प्रबंधन की तारीफ कर रही है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार भी ठोस है।" उन्होंने आगे कहा "दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले,रुपया ठीक चल रहा है...बिल्कुल ठीक चल रहा है।"

एक लिखित जवाब में उन्होंने आगे कहा कि रुपये की गिरावट सिर्फ़ भारतीय करेंसी तक ही सीमित नहीं है,क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से कई प्रमुख एशियाई करेंसी भी कमज़ोर हुई हैं।

उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरियाई वॉन,थाई बहत और फ़िलिपीनी पेसो जैसी कुछ अन्य करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादा गिरी हैं। इनमें 4.6 प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत और 4.8 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी कहा कि रुपये का मूल्य बाज़ार द्वारा तय होता है और कई कारकों से प्रभावित होता है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक करेंसी की चाल पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

 

 

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