Lohia Corp IPO Listing: टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली लोहिया कॉर्प के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 7 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹425 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹460.00 और NSE पर ₹461.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 8% से अधिक लिस्टिंग गेन (Lohia Corp Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹461.35 (Lohia Corp Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.55% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹40 के डिस्काउंट पर मिला है।
Lohia Corp IPO को मिला अच्छा रिस्पांस
लोहिया कॉर्प का ₹1,001 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-27 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 7.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.82 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.78 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.39 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है। इसके तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 2,59,31,407 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।
लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाती है जिसका इस्तेमाल पॉलीप्रोपिलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीएथिलीन (HDPE) वुवन फैब्रिक और बोरे बनाने में होता है। कंपनी कई तरह की मशीनें बनाती है, जिनमें टेप एक्सट्रूजन लाइन, सर्कुलर लूम, कोटिंग और लैमिनेशन लाइन, प्रिंटिंग और कन्वर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइन, रीसाइक्लिंग मशीन और इनसे जुड़े स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। इनका इस्तेमाल पैकेजिंग और नॉन-पैकेजिंग इंडस्ट्रीज में होता है। इनसे सीमेंट, खाद, केमिकल, अनाज समेत अन्य चीजों के लिए बोरे बनाने के साथ तिरपाल, रस्सी और सुतली जैसी चीजें बनाने में भी होता है।
इसका कारोबार देश के बाहर ब्राजील, रूस, थाईलैंड, यूएई और अमेरिका में भी फैला हुआ है और इसके वेयरहाउस भारत के साथ-साथ अमेरिका और यूएई में भी हैं तो मार्च 2026 तक आठ देशों में स्टॉकिस्ट्स हैं
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर इसका मुनाफा 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ और टोटल इनकम 25.34% उछलकर ₹1,737.87 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹152.78 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹519.16 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।