MARC Technocrats IPO Listing: बी2जी मॉडल पर काम करने वाली इंफ्रा कंसल्टेंसी सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनी मार्के टेक्नोक्रेट्स के शेयरों की आज NSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 9 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹93 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹74.40 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 20% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹70.70 (MARC Technocrats Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 23.98% घाटे में हैं। चूंकि एक लॉट 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशकों के ₹26,760 डूब गए।
MARC Technocrats IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
मार्क टेक्नोक्रेट्स का ₹43 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 9.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.99 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 10.75 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹34 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 9,09,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹10.25 करोड़ इक्विपमेंट्स/मशीनरी की खरीदारी, ₹17.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
MARC Technocrats के बारे में
अगस्त 2007 में बनी मार्क टेक्नोक्रेट्स सुपरविजन और क्वालिटी कंट्रोल, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स, टेक्नो-फाइनेंशियल ऑडिट्स और प्री-बिड एडवायजरी सर्विसेज जैसी इंफ्रा कंसल्टेंसी सर्विसेज मुहैया कराती है। यह सड़कों, हाईवेज, रेलवेज, बिल्डिंग्स और वाटर रिसोर्सेज जैसे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए सर्विसेज देती है। मार्क टेक्नोक्रेट्स बी2जी मॉडल पर काम करती है। यह थर्ड-पार्टी टेक्नो-फाइनेंशियल ऑडिटर का भी काम करती है। यह अपने क्लाइंट्स को किसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के टेक्निकल, फाइनेंशियल और कॉन्ट्रैक्चुअल पहलुओं पर गौर कर बेहतर बोली तैयार करने में मदद करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹2.64 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹3.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹7.48 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 53% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹48.56 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹5.76 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹32.64 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर के आखिरी में कंपनी पर ₹59 लाख का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹19.97 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।