मार्जिन में गिरावट के अनुमान के बावजूद जेफ़रीज़ ने Infosys को दी “buy” रेटिंग, जानिए दूसरे आईटी स्टॉक्स पर क्या है राय

आईटी कंपनियों में मिड लेवल के कर्मचारियों की नौकरी छोड़कर जाने की दर अभी भी सामान्य से काफी ज्यादा है। इसके अलावा मिड लेवल का वेतन भी जूनियर लेवल के वेतन से 3-4 गुना ज्यादा है। ऐसे में वित्त वर्ष 2024 में आईटी कंपनियों की औसत वेतन लागत में कमी आने की संभावना नहीं है

अपडेटेड Aug 24, 2023 पर 1:24 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
आईटी कंपनियों के ओवरऑल एट्रीशन लेवल में सुधार आया है लेकिन मिड-लेवल (30-50 साल आयु के कर्मचारी) पर नौकरी छोड़कर जाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है
     
     
    live
    Volume
    Todays L/H
    Details

    ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफ़रीज़ ने हाल में जारी अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि नौकरी छोड़ने की दर कम हुई है, सबकॉन्ट्रैक्टिंग की लागत भी घट रही है, यूटिलाइजेशन लेवल में भी सुधार हो रहा है। इसके बावजूद आईटी कंपनियों की कर्मचारी लागत वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ऊंची रहने की संभावना है। इसके चलते आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव रहेगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय आईटी कंपनियों का एम्प्लाई पिरामिड पिछले वर्ष में मजबूत सुधार के बाद वित्त वर्ष 2023 में काफी खराब हुआ है। इसमें 30 वर्ष से कम आयु के कर्मचारियों की हिस्सेदारी में काफी गिरावट आई है।

    2024 में मांग में सुस्ती से एम्प्लाई पिरामिड और खराब होने की उम्मीद

    वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में मांग में कमजोरी के कारण कम नियुक्तियां की गई हैं। इसके चलते आईटी कंपनियों का एम्प्लाई पिरामिड खराब हो गया है। आईटी कंपनियों ने जूनियर स्तर पर नौकरी छोड़ने कर जाने वालों की जगह भरने की प्रक्रिया धीमी कर दी है। जेफरीज के विश्लेषकों ने इस रिपोर्ट में आगे कहा है कि वित्त वर्ष 2024 में मांग में सुस्ती तेज होने से आईटी पिरामिड और खराब होने की की उम्मीद है।


    30 साल से कम उम्र के कर्मचारियों की प्रतिशत हिस्सेदारी घटी

    टीसीएस, टेक महिंद्रा और एलटीआईमाइंडट्री में 30 साल से कम उम्र के कर्मचारियों की प्रतिशत हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2011 के स्तर से भी नीचे गिर गई है। टीसीएस में ये हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2011 में 56 प्रतिशत से गिरकर वित्त वर्ष 2023 में 53 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं,टेक महिंद्रा में ये हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2011 में 50 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2023 में 48 प्रतिशत पर आ गई है। जबकि, एलटीआईमाइंडट्री में ये हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से गिरकर 44 प्रतिशत पर आ गई है।

    मिड-लेवल पर नौकरी छोड़कर जाने वालों की संख्या काफी ज्यादा

    हालांकि आईटी कंपनियों के ओवरऑल एट्रीशन लेवल में सुधार आया है लेकिन मिड-लेवल (30-50 साल आयु के कर्मचारी) पर नौकरी छोड़कर जाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। आमतौर पर जूनियर लेवल के कर्मचारियों की तुलना में मिड लेवल के कर्मचारियों में नौकरी छोड़ने की दर काफी कम होती है। मिड लेवल के कर्मचारियों की तरफ से ज्यादा नौकरी छोड़ने के चलते वित्त वर्ष 2023 में आईटी कंपनियों वेतन से जुड़ा दबाव बढ़ा है। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2023 में टीसीएस ने अपने कर्मचारियों के वेतन में सालाना आधार पर 5 फीसदी की बढ़त की है। वहीं, मिडलेवल के कर्मचारियों के वेतन में 11-14 फीसदी की बढ़त की है। वित्त वर्ष 2023 की वार्षिक रिपोर्ट से इंफोसिस और TechM में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है।

    आईटी कंपनियों में मिड लेवल के कर्मचारियों की नौकरी छोड़कर जाने की दर अभी भी सामान्य से काफी ज्यादा। इसके अलावा मिड लेवल का वेतन भी जूनियर लेवल के वेतन से 3-4 गुना ज्यादा है। ऐसे में वित्त वर्ष 2024 में आईटी कंपनियों की औसत वेतन लागत में कमी आने की संभावना नहीं है।

    Daily Voice: छोटे-मझोले शेयरों में जोश, राइट होराइजन्स के अनिल रेगो से जानें क्या आगे भी कायम रहेगी इनकी तेजी

    TCS, HCL Tech और Coforge को “hold” रेटिंग

    अपने इस विश्लेषण के आधार पर जेफ़रीज़ ने TCS, HCL Tech और Coforge को “hold” रेटिंग दी है। हालांकि इसने Infosys को 1,550 रुपए के टारगेट प्राइस के साथ “buy” रेटिंग दी है। जेफ़रीज़ का मानना है कि Infosys में 1418 रुपए को वर्तमान स्तर से 9 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।

    डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

    हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।