Market cues : 24300 से नीचे जाने पर निफ्टी में 24050–24000 तक की गिरावट मुमकिन, 24600 पर तत्काल रेजिस्टेंस
Market cues : अगर निफ्टी टूटता है और 24300 ज़ोन से काफी नीचे रहता है,तो 24050–24000 तक गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,एक्सपर्ट्स का कहना है कि 24600 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है
Trade Setup : मार्केट का मूड बताने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेश्यो 4 मार्च को घटकर 0.95 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.99 था
Market cues : US-इज़राइल ब्लॉक और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक और गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 4 मार्च को निफ्टी ने फरवरी के निचले स्तर को पूरी तरह से तोड़ दिया और 1.55 फीसदी नीचे बंद हुआ। मोमेंटम और कमज़ोर हुआ, VIX 10 महीने के हाई पर पहुंच गया। ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच बाज़ारों में सावधानी की भावना देखने को मिली। हालांकि, निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,300 के लेवल (जो अगस्त 2025 के निचले स्तर और मार्च 2020 और अप्रैल 2025 के निचले स्तर से सटे लॉन्ग अपवर्ड सपोर्ट ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है) को बचाने में कामयाब रहा।
अगर निफ्टी टूटता है और 24300 ज़ोन से काफी नीचे रहता है,तो 24050–24000 तक गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,एक्सपर्ट्स का कहना है कि 24600 का लेवल (सोमवार का निचला स्तर और बुधवार का हाई)तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24800 पर होगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24349, 24279 और 24166
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24576, 24646 और 24760
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,निफ्टी ने डेली चार्ट्स पर अपर और लोअर शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाया,जो सेशन के दौरान रिकवरी दिखाता है। हालांकि वोलैटिलिटी के बीच बेयर्स का पलड़ा भारी रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे रहा,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मजबूत सेल सिग्नल बनाए रखे,जिसमें RSI 30.37 (ओवरसोल्ड ज़ोन के पास) तक गिर गया। MACD और कमजोर हुआ, जिससे हिस्टोग्राम में एक और लंबा बेयरिश बार बना। स्टोकेस्टिक RSI भी ओवरसोल्ड ज़ोन में आ गया। ये सभी इंडिकेटर्स लगातार बेयरिश मोमेंटम का संकेत देते हैं,हालांकि मार्केट ओवरसोल्ड टेरिटरी के पास पहुंच रहा है,जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक देखने को मिल सकता है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58990, 59147 और 59401
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 58482, 58325, और 58071
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59206, 59700
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 58631, 57783
बैंक निफ्टी ने भी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली चार्ट्स पर अपर शैडो के साथ एक ग्रीन कैंडल बनाया,जो निचले लेवल पर बाइंग सपोर्ट के बावजूद बेयरिश बायस दिखाता है। इंडेक्स अपने 100-डे EMA से नीचे फिसल गया लेकिन फरवरी के लो-टू-हाई मूव के 78.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। RSI गिरकर 36.09 पर आ गया और स्टोकेस्टिक RSI ओवरसोल्ड ज़ोन में चला गया। MACD ज़ीरो लाइन की ओर नीचे की ओर ट्रेंड कर रहा है,जिसके साथ एक लंबा लाल हिस्टोग्राम बार है। ये सभी इंडिकेटर शॉर्ट टर्म में कमजोरी बने रहने की ओर इशारा कर रहे हैं,हालांकि ओवरसोल्ड रीडिंग बीच-बीच में रिलीफ रैली की संभावना भी दिखाती है।
मार्केट का मूड बताने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 4 मार्च को घटकर 0.95 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.99 था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या 1 को पार करने का मतलब होता है कि ट्रेडर कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज़्यादा बेच रहे हैं,जो आम तौर पर मार्केट में बुलिश सेंटिमेंट के मज़बूत होने का इशारा करता है। अगर रेश्यो 0.7 से नीचे चला जाता है या 0.5 की तरफ़ बढ़ता है तो यह बताता है कि कॉल में बिकवाली,पुट में बिकवाली से ज़्यादा है,जो मार्केट में बेयरिश मूड दिखाता है।
इंडिया VIX
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX लगातार दूसरे सेशन में तेज़ी से बढ़ा और 23.41 फीसदी बढ़कर 21.14 पर पहुंच गया। ये 9 मई, 2025 के बाद का इसका सबसे ऊचा क्लोजिंग लेवल है। यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स,खासकर बुल्स के बीच बढ़ते रिस्क और बढ़ी हुई घबराहट का संकेत है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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