Market cues : जब तक Nifty 23900-23800 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है, तब तक तेजी का रुख मजबूत रहने की उम्मीद
Market cues : जब तक Nifty 23,900-23,800 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तब तक तेज़ी का रुख मजबूत रहने की उम्मीद है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस स्तर से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि,जब तक यह सपोर्ट बना रहता है तब तक 24,300 पर नजर रखना ज़रूरी होगा, जिसके बाद 24,600 का जोनअगला अहम स्तर होगा
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 6.28 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 16.7 के स्तर पर आ गया,जो तेजड़ियों के लिए बढ़ते राहत का संकेत है
Market cues : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते से तेल की कीमतों में नरमी की उम्मीदों से बुल्स को सपोर्ट मिला, जिससे 25 मई को—जो 26 मई को खत्म होने वाले मासिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी से ठीक एक दिन पहले का दिन था—Nifty 50 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंच गया। इस तेज़ी को कई दूसरे पॉजिटिव संकेतों का भी सपोर्ट मिला। इंडेक्स ने अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर वापसी की और मोमेंटम इंडिकेटर्स ने भी'बुलिश क्रॉसओवर'के संकेत दिए।
बाजार जानकारों के मुताबिक,जब तक इंडेक्स 23,900-23,800 के सपोर्ट ज़ोन को बचाए रखता है तब तक तेज़ी का रुख मज़बूत बने रहने की उम्मीद है। इस स्तर से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। हालाँकि,जब तक सपोर्ट बना रहता है, तब तक 24,300 पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, जिसके बाद 24,600 का ज़ोन अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,053, 24,084 और 24,135
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,953, 23,922 और 23,871
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty ने गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई और पूरे सेशन के दौरान शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के साथ-साथ बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर बना रहा जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स 50-डे EMA से थोड़ा ऊपर बंद हुआ,जबकि शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़े,जो ट्रेंड की बढ़ती मजबूती का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से काफी ऊपर चला गया। जबकि RSI एक बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 54.35 पर पहुंच गया। MACD भी पॉजिटिव हो गया और 8 मई के बाद पहली बार हिस्टोग्राम पर पहली हरी बार दिखाई दी। ये सभी इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने की ओर इशारा करते हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,408, 55,600 और 55,911
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 54,785, 54,593 और 54,282
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,576, 53,687
स्पेशल फॉर्मेशन : कल Nifty Bank में 2.3 प्रतिशत की तेजी आई और इसने बेंचमार्क Nifty से बेहतर प्रदर्शन किया। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई और शॉर्ट-मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के साथ-साथ बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर बंद हुआ,जो एक हेल्दी ट्रेंड का संकेत है। शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज अब ऊपर की ओर झुकने लगे हैं। RSI एक बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 54.68 पर पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम पर एक हरे बार के साथ पॉजिटिव हो गया। ये सभी इंडिकेटर मोमेंटम के मज़बूत होने और बुलिश सेंटिमेंट में सुधार का संकेत देते हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 6.28 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 16.7 के स्तर पर आ गया,जो तेजड़ियों के लिए बढ़ते राहत का संकेत है। हालांकि,'बुल'का आत्मविश्वास और मज़बूत होने के लिए 15 के निशान से नीचे की निर्णायक गिरावट ज़रूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो पिछले सत्र के 1.08 के मुकाबले 25 मई को बढ़कर 1.26(2 जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर)पर पहुंच गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
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