Market cues : बाजार में मंदी का माहौल, निफ्टी पर 23150 का लेवल टूटने पर बढ़ सकती है कमजोरी
Market cues : बाजार में मंदी का माहौल है। इसे देखते हुए अगर Nifty 50 बुधवार के निचले स्तर 23,150 को बचाने में नाकाम रहता है तो आने वाले सत्रों में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है,जिससे यह 23,000–22,700 के स्तरों की ओर खिसक सकता है
Market cues : बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो पिछले सत्र के 1.03 के मुकाबले 3 जून को गिरकर 1.02 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है
Market cues : Nifty 50 ने 3 जून को एक नए स्विंग लो से दूसरे हाफ में तेज़ी से रिकवरी करने के बाद दिन के निचले स्तर से ऊपर उठकर मामूली नुकसान के साथ कारोबार बंद किया। हालांकि,बाज़ार पर अभी भी मंदड़ियों का ही दबदबा बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है और मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोर बने हुए हैं। मंदी के इस माहौल को देखते हुए,अगर इंडेक्स बुधवार के 23,150 के निचले स्तर को बचाने में नाकाम रहता है तो आने वाले सत्रों में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है,जिससे यह 23,000–22,700 के स्तरों तक खिसक सकता है। हालांकि, बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि अगर इंडेक्स इस स्तर से ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है,तो इसमें 23,600–23,700 तक की तेजी आ सकती। उसके बाद 24,000 का लेवल भी देखने को मिल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,457, 23,529 और 23,647
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,221, 23,148 और 23,031
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी लोअर शैडो लंबी थी। यह दिखाता है कि उतार-चढ़ाव के बीच निचले स्तरों पर खरीदारी आई है। हालांकि,यह पिछले दिन के हाई के ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। असल में लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न जारी रहा, और इंडेक्स इंट्राडे में अप्रैल की रैली के 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट के करीब पहुंच गया,जिसके बाद इसमें रिकवरी देखने को मिली। शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट जारी रही। RSI, 41.41 पर सिग्नल लाइन से नीचे रहा,जबकि MACD हिस्टोग्राम में एक फैलती हुई लाल पट्टी के साथ, रेफरेंस लाइन और ज़ीरो लाइन दोनों से नीचे रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि इंट्राडे के बावजूद बड़ा ट्रेंड कमजोर बना हुआ है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,323, 54,624 और 55,110
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,351, 53,051 और 52,565
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,423, 55,809
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 52,798, 51,532
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty Bank में लगातार खरीदारी देखने को मिली और यह पिछले दिन के हाई से ऊपर,0.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह अप्रैल की रैली के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट से भी ऊपर बंद हुआ और इसने एक बुलिश कैंडल बनाई,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने बेंचमार्क Nifty 50 से बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन यह 20-दिन के EMA से ऊपर बंद होने में नाकाम रहा,जो एक लगातार बनी रहने वाली रैली के लिए बेहद जरूरी है। RSI बढ़कर 47.57 पर पहुंच गया और इसने एक पॉज़िटिव क्रॉसओवर दिखाया,जबकि MACD,तीन हल्के हरे बार के बाद हिस्टोग्राम में एक गहरे हरे बार के साथ,सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बेहतर होते मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं,हालांकि और ऊपर जाने के लिए 20-दिन के EMA के ऊपर एक निर्णायक चाल की जरूरत है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 6.01 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 16.28 पर पहुंच गया। पिछले 5-6 सत्रों से यह 14.50–17.00 की रेंज के भीतर ही बना रहा है। तेजड़ियों का भरोसा बढ़ने के लिए यह जरूरी है कि यह इस रेंज से नीचे गिरे और लगातार इसी स्तर पर कारोबार करे।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो पिछले सत्र के 1.03 के मुकाबले 3 जून को गिरकर 1.02 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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