Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स से मंदी के रुझान में कुछ कमी आने के संकेत, 22800 के ऊपर टिकने पर आएगी तेजी

Nifty Trade setup : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी को ऊपर की तरफ 23,000 की ओर जाने के लिए 22,800 के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होना। हालांकि,ऐसा न होने पर निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है। इसके लिए नीचे की तरफ 22,600 और उसके बाद 22,400 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है

अपडेटेड Oct 07, 2026 पर 9:07 AM
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Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 6 अक्टूबर को बढ़कर 1.06 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.94 था

Trade setup for today : निफ्टी में कल लगातार दूसरे सेशन में अच्छी रिकवरी आई। पिछले हफ़्ते ओवरसोल्ड होने के बाद रिकवरी आई। 6 अक्टूबर को इसमें 1% की बढ़त हुई। 7 अक्टूबर को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग के नतीजों से पहले बाजार में तेजी रही। इस मीटिंग में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की बढ़ोतरी की संभावना है। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के रुझान में कुछ कमी के संकेत दिये है, लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी मंदड़ियों की पकड़ में है, क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। इसलिए, 23,000 के स्तर तक और ऊपर जाने के लिए 22,800 के स्तर को फिर से हासिल करना और उसके ऊपर बने रहना जरूरी होगा। हालांकि,ऐसा न होने पर निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है। इसके लिए नीचे की तरफ 22,600 और उसके बाद 22,400 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,776) के लिए अहम लेवल


पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,787, 22,837 और 22,919

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,623, 22,572 और 22,490

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई और पिछले दिन के हाई से काफी ऊपर बंद हुआ,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के दबाव में कुछ कमी दिखाई, लेकिन इसके लिए और मज़बूत कन्फर्मेशन की जरूरत है। RSI बढ़कर 36.31 हो गया और इसमें बुलिश क्रॉसओवर देखा गया,जबकि स्टोकेस्टिक RSI में भी पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। MACD ऊपर की ओर बढ़ा और हिस्टोग्राम ने मंदी के मोमेंटम में और कमी दिखाई,लेकिन यह सिग्नल लाइन के नीचे ही बना रहा। हालांकि, इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड करता रहा। कुल मिलाकर ये इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी में तेज़ी आ सकती है,हालांकि लगातार तेजी (अपट्रेंड) की पुष्टि का अभी भी इंतजार है।

बैंक निफ्टी (55,128) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,195, 55,281 और 55,421

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,915, 54,828 और 54,689

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

पिछले दो सेशन में कोई साफ़ ट्रेंड न दिखने के बाद,बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक ग्रीन कैंडल बनाई और 10-दिन के EMA के थोड़ा ऊपर 55,127 पर बंद हुआ,जो एक पॉजिटिव चाल का संकेत है। हालांकि,पिछले तीन-चार सेशन से इंडेक्स को 55,200 के लेवल के आसपास रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है और आने वाले सेशन में इसे इस रुकावट को साफ तौर पर पार करने की जरूरत है। कल के सेशन के दौरान इंडेक्स में 0.76 प्रतिशत की बढ़त हुई। हालांकि, बैंक निफ्टी अभी भी अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,और 20 व 50-दिन के EMA नीचे की ओर जा रहे हैं। RSI बढ़कर 41.50 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर चला गया,लेकिन 50 के स्तर से नीचे ही रहा। MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम ने लगातार चौथे सेशन में मंदी के मोमेंटम में और कमी दिखाई। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मंदी के दबाव में कुछ नरमी का संकेत देते हैं,लेकिन व्यापक ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

Image1006102026इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX पिछले तीन सेशन में बढ़त के बाद 7.9% गिरकर 13.6 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के लेवल से नीचे बना रहता है, तो तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 6 अक्टूबर को बढ़कर 1.06 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.94 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, बंधन बैंक, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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