Market cues : 23400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में और गिरावट का डर, इसके ऊपर जाने पर लौट सकती है तेजी
Market cues : जब तक Nifty 23,400 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,आने वाले सेशंस में इसमें 23,200–23,000 की ओर गिरावट संभव है। हालांकि,इस लेवल को फिर से हासिल करके इसके ऊपर टिके रहने पर इंडेक्स 23,500–23,600 की ओर ऊपर जा सकता है
Market cues : 12 मई को बेयर्स ने बाजार पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर ली,जिससे Nifty लगभग 2 प्रतिशत नीचे गिर गया और 23,800–24,500 की उस सीमित दायरे को निर्णायक रूप से तोड़ दिया,जो पिछले कई हफ्तों से बना हुआ था। यह गिरावट रुपये के कमजोर होकर नए निचले स्तर पर पहुंचने,तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली कारण हुई। इसके अलावा,इंडेक्स ने 23,400 के सपोर्ट लेवल (अप्रैल की तेजी का 50 प्रतिशत Fibonacci retracement) को भी तोड़ दिया और 8 अप्रैल को बने बुलिश गैप जोन में चला गया।
ऐसे में बाजार जानकारों का कहना है कि अब जब तक Nifty 23,400 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,आने वाले सेशंस में इसमें 23,200–23,000 की ओर गिरावट संभव है। हालांकि,इस लेवल को फिर से हासिल करके इसके ऊपर टिके रहने पर इंडेक्स 23,500–23,600 की ओर ऊपर जा सकता है
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,339, 23,242 और 23,086
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस: 23,652, 23,748 और 23,904
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 ने गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और एक ही सेशन में अप्रैल की रैली के 38.2 प्रतिशत और 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे गिर गया,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। इंडेक्स सभी मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे रहा और ये सभी नीचे की ओर झुक रहे थे। RSI गिरकर 40 से 39.86 पर आ गया, जबकि MACD ने एक बेयरिश क्रॉसओवर बनाए रखा और लाल हिस्टोग्राम बार और भी बड़ा हो गया। यह सब बेयरिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत देता है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,140, 54,354 और 54,701
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,446, 53,232 और 52,885
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,422, 55,809
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 52,798, 51,532
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी बैंक ने अपनी'लोअर हाई-लोअर लो'संरचना को बनाए रखा और डेली चार्ट पर एक लंबी'बेयरिश कैंडल'बनाई। वहीं,इंडेक्स सभी प्रमुख'मूविंग एवरेज'से नीचे बना रहा,जो सभी नीचे की ओर जा रहे थे। यह एक कमजोर होते ट्रेंड का संकेत है। RSI गिरकर 40 से नीचे 39.45 पर आ गया, जबकि MACD'ज़ीरो लाइन'और 'सिग्नल लाइन'दोनों से नीचे बना रहा,जिसके साथ एक लंबा लाल'हिस्टोग्राम बार'भी दिखा। यह सब लगातार बनी हुई 'बेयरिश' (मंदी की)पकड़ को दर्शाता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 3.92 प्रतिशत बढ़कर 19.28 पर पहुंच गया और लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी। यह सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर निकल गया,जो मंदड़ियों के पक्ष में रहा। तेजड़ियों को फिर से सहज स्थिति में लाने के लिए,VIX का रुख पलटकर 17–15 के स्तरों की ओर लौटना जरूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 12 मई को बढ़कर 0.93 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.76 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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