Market cues : बाजार का टेक्निकल सेटअप मज़बूत, लेकिन खराब ग्लोबल संकतों के चलते आज हो सकती है कमजोर शुरुआत

Market cues : बाजार का टेक्निकल सेटअप और मज़बूत हुआ है,जिसमें मोमेंटम इंडिकेटर्स में बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला है और इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। अगर शॉर्ट-टर्म में निफ्टी 24,000 के ऊपर बना रहता है तो एक बड़ा पॉजिटिव होगा जिस पर नज़र रखनी चाहिए

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 9:09 AM
Story continues below Advertisement
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अप्रैल को बढ़कर 1.13 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.97 पर था

Market cues : एक दिन की प्रॉफ़िट बुकिंग के बाद 10 अप्रैल को Nifty में ज़ोरदार उछाल आया। US और ईरान के बीच सप्ताहांत में होने वाली शांति वार्ता से पहले, इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। हालांकि,रविवार को ये बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गईं। फिर भी पश्चिम एशिया में तनाव के कम होने की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं,क्योंकि ईरानी सरकार ने कहा है कि वार्ता का एक और दौर जारी रहेगा। बाजार का टेक्निकल सेटअप और मज़बूत हुआ है,जिसमें मोमेंटम इंडिकेटर्स में बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला है और इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है।

अगर शॉर्ट-टर्म में निफ्टी 24,000 के ऊपर बना रहता है तो एक बड़ा पॉजिटिव होगा जिस पर नज़र रखनी चाहिए। इस स्तर से ऊपर,24,300 पर निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है। इसके बाद 24,500 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। हालांकि, इससे नीचे जाने पर बाजार में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। बाजार जानकारों का कहना है कि 23,800 पर पहला और उसके बाद 23,500 पर दूसरा सपोर्ट मौजूद है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,910, 23,859 और 23,776

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,077, 24,128 और 24,211

Nifty 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (10 और 20 डे का EMA) के ऊपर बना रहा। ये एवरेज ऊपर की ओर ट्रेंड कर रहे हैं,जो एक हेल्दी ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। RSI बढ़कर 54.24 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के ऊपर बना रहा और धीरे-धीरे ज़ीरो लाइन की ओर बढ़ रहा है,साथ ही हिस्टोग्राम में हरी पट्टियों में और बढ़ोतरी हुई है। यह सब एक पॉजिटिव ट्रेंड के साथ बढ़ते मोमेंटम का संकेत है।

Global Market : शांति वार्ता में खलल,घबराए ग्लोबल बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से लेकर यूएस मार्केट और एशिया बाजार का कैसा है हाल

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,997, 56,194, और 56,512

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 55,361, 55,164, और 54,846

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,686, 53,695

Nifty Bank ने Nifty 50 से बेहतर प्रदर्शन किया। यह 2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा और डेली चार्ट पर एक 'ग्रीन कैंडल' बनाई,जो यह संकेत देता है कि तेज़ी का रुझान जारी रहेगा। बैंकिंग इंडेक्स 50 प्रतिशत के Fibonacci retracement लेवल (19 फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निचले स्तर तक की गिरावट का) से ऊपर चढ़ गया। इसके अलावा, इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि यह मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही रहा। RSI और MACD ने एक बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। यह सब बैंकिंग इंडेक्स में बढ़ती मजबूती का संकेत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2 अप्रैल को ₹9,931 करोड़ की इक्विटी बेचकर अपनी बिक्री का सिलसिला आगे बढ़ाया। हालांकि,घरेलू संस्थागत निवेशकोंने ₹7,200 करोड़ से अधिक की इक्विटी खरीदकर बाजार को अपना सपोर्ट प्रदान किया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX शुक्रवार को 19 से नीचे गिरकर 18.85 पर आ गया। इसमें 7.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो इक्विटी बाज़ार के लिए एक अनुकूल माहौल का संकेत है। तेजड़ियों के लिए एक बार फिर से सुरक्षित स्थिति में लौटने हेतु, India VIX का 15-14 के स्तर तक और नीचे गिरना ज़रूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अप्रैल को बढ़कर 1.13 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.97 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सेल, सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।