Market cues : 23400-23250 के नीचे जाने पर निफ्टी पर बढ़ेगा बिकवाली का दबाव, 23800–24000 पर दिख रहा रेजिस्टेंस
Market cues : अगर Nifty 50 में और बिकवाली का दबाव देखने को मिलता है तो 23,400 और 23,250 के लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा। अगर इन लेवल से नीचे गिरावट आती है तो बिकवाली करने वाले अपनी पकड़ और मज़बूत कर सकते हैं। जानकारों के मुताबिक,ऊपर की तरफ 23800–24000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले कुछ सत्रों में गिरावट के बाद 8.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 16.18 पर पहुंच गया। यह तेजी तेजड़ियों के लिए चिंता का संकेत है
Market cues : 29 मई को निफ्टी में 1.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के साथ-साथ बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से भी नीचे गिर गया। वीकली बेसिस पर भी,यह पिछले हफ्ते के हाई से ऊपर बंद होने में असफल रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का रुख जारी रहा। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक अपवर्ड ट्रेंडलाइन को भी नीचे की ओर तोड़ दिया है,जो बेयरिश सेंटिमेंट की वापसी का संकेत है। अगर इंडेक्स में आगे भी बिकवाली का दबाव बना रहता है तो 23,400 और 23,250 के स्तरों पर नजर रखना अहम होगा। इन स्तरों के नीचे जाने पर बेयर्स (मंदी लाने वाले) अपनी पकड़ और मजबूत कर सकते हैं। वहीं,ऊपर की तरफ 23,800–24,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस दायरे से ऊपर कारोबार जारी रहने पर 24,300 की ओर तेजी का रास्ता खुल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,876, 23,999 और 24,196
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,481, 23,358 और 23,160
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 एक बार फिर अपने 50-डे EMA के ऊपर बंद होने में नाकाम रहा और डेली चार्ट पर अपर विक के साथ एक लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे यह पता चलता है कि यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पा रहा है। खास बात यह है कि यह लगातार तीसरा सेशन है जिसमें इंडेक्स ने औसत से ज्यादा वॉल्यूम के साथ एक साफ अपर विक बनाई है,जो ऊपरी स्तरों पर लगातार प्रॉफिट बुकिंग होने का संकेत है। इंडेक्स अब सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। 43.37 पर दिख रहे RSI ने एक बेयरिश क्रॉसओवर दिखाया है,जबकि MACD एक नेगेटिव क्रॉसओवर के कगार पर है। ये सभी संकेत बढ़ती हुई मंदी की ओर इशारा करते हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,921, 55,173 और 55,582
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 54,105, 53,853 और 53,445
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 53,687, 52,798
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty Bank ने डेली टाइमफ्रेम पर एक बड़ी अपर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाना जारी रखा और लगातार तीसरे सेशन में अपने 50-डे EMA के ऊपर टिकने में नाकाम रहा,जो कमजोरी का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया और 25 मई को बने बेयरिश गैप को औसत से ज्यादा वॉल्यूम के साथ लगभग भर दिया,जिससे बेयर्स को और मजबूती मिली। RSI और गिरकर 46.91 पर आ गया,हालांकि यह सिग्नल लाइन से थोड़ा ऊपर ही रहा। MACD सपाट हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा,जबकि हरे हिस्टोग्राम बार और भी हल्के पड़ गए। ये सभी इंडिकेटर मोमेंटम के कमजोर पड़ने और बेयरिश रुझान का संकेत देते हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले कुछ सत्रों में गिरावट के बाद 8.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 16.18 पर पहुंच गया। यह तेजी तेजड़ियों के लिए चिंता का संकेत है। बाजार में तेजी का माहौल मज़बूत होने के लिए,यह जरूरी है कि VIX 15 के स्तर से नीचे बना रहे।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो पिछले सत्र के 1.02 के मुकाबले 29 मई को गिरकर 0.74 पर आ गया (जो 27 फरवरी के बाद से सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है)। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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