भारत-कनाडा संकट के बीच 2.5% टूटा बाजार, फिर भी इन स्मॉलकैप शेयरों में दिखी 37% तक की बढ़त

बीते हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स 2.69 फीसदी या 1829.48 अंक गिरकर 66009.15 पर और निफ्टी 2.56 फीसदी या 518.1 अंक गिरकर 19674.25 पर बंद हुआ। सितंबर में अब तक इन दोनों इंडेक्स में 2-2 फीसदी का इजाफा हुआ है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.7 फीसदी, स्मॉलकैप इंडेक्स 2 फीसदी और लार्जकैप इंडेक्स 2.5 फीसदी गिर कर बंद हुए

अपडेटेड Sep 23, 2023 पर 11:48 AM
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 4.3 फीसदी, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3.9 फीसदी, निफ्टी बैंक इंडेक्स में 3.5 फीसदी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 3.3 फीसदी की गिरावट आई। हालाकि, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.3 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ

22 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार में लगातार तीन हफ्तों की बढ़त थमती दिखी। भारत और कनाडा के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव, यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने को संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से जारी लगातार बिकवाली ने बाजार का मूड खराब कर दिया। हालांकि जेपी मॉर्गन के सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में भारतीय बॉन्ड को शामिल करने से कुछ सपोर्ट जरूर मिला है।

बीते हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स 2.69 फीसदी या 1829.48 अंक गिरकर 66009.15 पर और निफ्टी 2.56 फीसदी या 518.1 अंक गिरकर 19674.25 पर बंद हुआ। सितंबर में अब तक इन दोनों इंडेक्स में 2-2 फीसदी का इजाफा हुआ है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.7 फीसदी, स्मॉलकैप इंडेक्स 2 फीसदी और लार्जकैप इंडेक्स 2.5 फीसदी गिर कर बंद हुए।

दी एमके वेल्थ मैनेजमेंट के जोसेफ थॉमस का कहना है कि हफ्ते के शुरुआत से ही इक्विटी बाजारों में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट में अमेरिकी मौद्रिक नीति और अमेरिकी बाजारों में हो रही घटनाओं का असर रहा। हालांकि यूएस फेड ने अपनी दरों में बढ़त पर रोक लगाए रखी। लेकिन उसने भविष्य में दरों में बढ़ोतरी का रास्ता खुला छोड़ दिया। इससे बाजार में हलचल मच गई। पहले अमेरिकी बाजारों में गिरावट आई। उसके बाद यूरोप और एशियाई बाजारों में गिरावट आई। इसके अलावा बाजार पर मुनाफावसूली और एफपीआई की बिकवाली ने भी दबाव बनाया है। आने वाले हफ्ते में भी ये जबाव कायम रह सकता है।


सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 4.3 फीसदी, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3.9 फीसदी, निफ्टी बैंक इंडेक्स में 3.5 फीसदी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 3.3 फीसदी की गिरावट आई। हालाकि, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.3 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ।

बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स 2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। स्मॉल कैप में सबसे ज्यादा गिरावट जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, बामर लॉरी इन्वेस्टमेंट, ज्यूपिटर वैगन्स, क्रेसांडा सॉल्यूशन, पीटीसी इंडिया, जयप्रकाश एसोसिएट्स, कोचीन शिपयार्ड, आरएसीएल गियरटेक और म्यूजिक ब्रॉडकास्ट में देखने को मिली। वहीं, आईएफसीआई, केआईओसीएल, ईकेआई एनर्जी सर्विसेज, एजीआई ग्रीनपैक, पीएनबी गिल्ट्स और प्राइम फोकस ने 20-37 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने नौ हफ्तों तक भारतीय इक्विटी में बिकवाली जारी रखी और बीते हफ्ते 8681.30 करोड़ रुपये की बिकवाली की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने हफ्ते के दौरान 1938.94 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

FII की बिकवाली, फेड के आक्रामक रुख, कच्चे तेल में उबाल के कारण इस हफ्ते भी बाजार में दिखी मुनाफावसूली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि टेम्परोरी ओवरसोल्ड स्थितियों के कारण, हमें बाजार में एक शॉर्ट टर्म पुलबैक रैली देखने को मिल सकती है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 19600 और 19500 (50-डे एसएमए) पर सपोर्ट दिख रहा है। जबकि 19800 और 19900 पर रजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी के लिए 50-डे एसएमए या 45000 के स्तर पर सपोर्ट दिख रहा। जब तक बैंक निफ्टी इस स्तर के नीचे कारोबार करता रहेगा सेंटीमेंट में कमजोरी बनी रहेगी। इसके नीचे इंडेक्स 44300-44000 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर, 50-दिवसीय एसएमए या 45000 के ऊपर जाने पर निफ्टी में और तेजी आ सकती है और ये 45400-45500 तक बढ़ सकता है।

शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि निफ्टी 19720-19620 के अहम सपोर्ट पर कारोबार कर रहा है। गिरावट की गति धीमी हो गई है। ऑवरली मोमेंटम इंडीकेटर भी पॉजिटिव क्रॉसओवर देखने को मिल रहा है। इससे संकेत मिलता है कि गिरावट के अगले चरण के फिर से शुरू होने से पहले एक पुलबैक की संभावना है। इस पुल बैक में निफ्टी 19850 –19880 तक जा सकता है। अब निफ्टी के लिए 19620–19604 पर सपोर्ट और 19850–19880 पर रजिस्टेंस दिख रहा है।

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