शुक्रवार 22 सितंबर को समाप्त हफ्ते में अधिकांश सेक्टर्स में बिकवाली के बीच बाजार दबाव में रहा। वह इसलिए कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, हायर यूएस ट्रेजरी यील्ड, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार एफआईआई की बिकवाली को लेकर चिंता में नजर आये। जबकि पिछले सप्ताह में बाजार ने रिकॉर्ड ऊंचाई दर्ज की थी। इस हफ्ते में बीएसई सेंसेक्स 2.69 प्रतिशत या 1,829.48 अंक गिरकर 66,009.15 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 2.56 प्रतिशत या 518.1 अंक गिरकर 19,674.25 पर बंद हुआ। शुक्रवार को फार्मा, मेटल, रियल्टी शेयर गिरे। एनर्जी, इंफ्रा, FMCG शेयरों पर दबाव देखने को मिला।
बीएसई लार्जकैप इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक, जाइडस लाइफसाइंसेज, एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स (नाइका), अल्ट्राटेक सीमेंट, अंबुजा सीमेंट्स, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज और विप्रो ने इंडेक्स को नीचे खींचा। वहीं बर्जर पेंट्स इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में तेजी देखने को मिली।
बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 2 प्रतिशत फिसल गया। जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, बामर लॉरी इन्वेस्टमेंट, ज्यूपिटर वैगन्स, क्रेसांडा सॉल्यूशन, पीटीसी इंडिया, जयप्रकाश एसोसिएट्स, कोचीन शिपयार्ड, आरएसीएल गियरटेक और म्यूजिक ब्रॉडकास्ट में कमजोरी के चलते इंडेक्स में गिरावट रही। दूसरी तरफ FCI, KIOCL, EKI Energy Services, AGI Greenpac, PNB Gilts और Prime Focus के शेयरों में 20-37 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।
बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत नीचे लुढ़क गया। इसमें शामिल स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस कंपनी, गोदरेज प्रॉपर्टीज, ग्लेनमार्क फार्मा, पीआई इंडस्ट्रीज, शेफलर इंडिया, डालमिया भारत, आदित्य बिड़ला कैपिटल, इमामी, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट और दीपक नाइट्राइट के शेयर 5-9 प्रतिशत तक गिरे। वहीं दूसरी तरफ Indian Overseas Bank, REC, Power Finance Corporation, UCO Bank, Indian Bank, JSW Energy और Union Bank of India में 5-11 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
मार्केट वैल्यू के लिहाज से देखें तो एचडीएफसी बैंक की मार्केट वैल्यू सबसे अधिक नीचे आई। उसके बाद मार्केट वैल्यू में सबसे ज्यादा गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट की गिरी। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने मार्केट-कैप में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की। (डिस्क्लोजर: Moneycontrol.com नेटवर्क 18 का हिस्सा है। नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 4.3 प्रतिशत गिरा। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.9 प्रतिशत गिरा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 3.5 प्रतिशत फिसला। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 3.3 प्रतिशत लुढ़का। जबकि हालांकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.3 प्रतिशत चढ़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign institutional investors (FIIs) ने लगातार नौवें सप्ताह में अपनी बिकवाली जारी रखी। FIIs ने 8,681.30 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (domestic institutional investors (DIIs) ने इस हफ्ते 1,938.94 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
इस हफ्ते भारतीय रुपये में सुधार देखने को मिला। रुपया 22 सितंबर को 25 पैसे बढ़कर 82.93 पर बंद हुआ। जबकि 15 सितंबर को ये 83.18 रुपये पर बंद हुआ था।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)