22 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार में लगातार तीन हफ्तों की बढ़त थमती दिखी। भारत और कनाडा के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव, यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने को संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से जारी लगातार बिकवाली ने बाजार का मूड खराब कर दिया। हालांकि जेपी मॉर्गन के सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में भारतीय बॉन्ड को शामिल करने से कुछ सपोर्ट जरूर मिला है।
