Market Insight : बाजार में थोड़ी सी रंगत लौटती हुई दिखी है। अब Jio का अलॉटमेंट भी हो चुका है। थोड़ी बहुत लिक्विटी वहां से भी रिलीज़ होगी। ऐसे में मार्केट का प्लेसमेंट कैसा लग रहा है, इस पर बात करते हुए सिट्रस एडवाइजर्स (Citrus Advisors) के फाउंडर संजय सिन्हा ने कहा कि बाजार में इस समय क्रूड की कीमतें सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। क्रूड की कीमतों का असर हमारे एक्सचेंज रेट पर पड़ेगा। क्रूड की कीमतें एक असमंजस और आशंका की स्थिति बनाए हुए हैं। दूसरी तिमाही के रिजल्ट्स काफी अच्छे आ रहे हैं। लेकिन उन पर भी क्रूड का दबाव हावी है। इसी के लिए हम देख रहे हैं कि मार्केट अगर एक स्टेप आगे जा रहा तो दो स्टेप पीछे भी ले रहा है।
बाजार के फंडामेंटल्स अच्छे, बनाए रखें धीरज
इस समय बाजार में जिस चीज की कमी हो गई है वह है धैर्य की। लोगों को उम्मीद थी कि बाजार एकदम गति पकड़ेगा तो भागता ही चला जाएगा। लेकिन हम जिओपॉलिटिकल डेवलपमेंट से अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते। हम जिस स्थिति पर हम खड़े हैं उसमें हमें इस बात को मान लेना चाहिए कि इतने विषम माइक्रोइकोनमिक स्थिति होने के बावजूद हमारी इकॉनमी अच्छी कर रही है और हमारे तिमाही नतीजे बहुत अच्छे हो रहे हैं। जो जिओपॉलिटिकल स्थिति है क्या वो बहुत लंबे समय तक चलेगी और अगर चलेगी तो हमें धैर्य रखने की जरूरत है। फंडामेंटली हमारा मार्केट पहले से ज्यादा स्ट्रांग होता जा रहा है। फंडामेंटल पहले से ज्यादा स्ट्रांग हो रहे हैं। ऐसे में धैर्य की सख्त जरूरत है।
ऑटो शेयरों पर बात करते हुए संजय सिन्हा ने कहा कि पैंसेजर कारों और टू-व्हीलर्स के बिक्री आंकड़ों से एक बात तो बिल्कुल साफ है कि ऑटो कंपनियों की टॉपलाइन अच्छी रहेगी। हालांकि, उनके मार्जिन को लेकर आशंका बनी हुई है।
क्योंकि पिछले 3 महीनों में कमोडिटी प्राइसेस ऊपर रही हैं। अगर मार्जिन को लेकर आशंका नहीं होती तो आज ऑटो कंपनीज़ के शेयर काफी ऊपर उछले हुए रहते। अब हमें इनके नतीजों में यह देखना है कि ऑटो ओईएम कंपनियां अपने मार्जिन प्रेशर को किस तरह से मैनेज करती हैं। अगर इन्होंने मार्जिन प्रेशर को सही तरीके से संभाल लिया और उन पर कोई बहुत ज्यादा असर नहीं हुआ तो मेरे ख्याल से यह ऑटो कंपनीज की चलने की दूसरी फेज होगी।
आगे की तिमाहियों में बैंकों के प्रदर्शन में आएगा सुधार
बैंक शेयरों पर बात करते हुए संजय सिन्हा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में अपने पोर्टफोलियो में एक मिड कैप सेगमेंट का बैंक जोड़ा है जो स्माल फाइनेंस बैंक है। बैंकिंग सेक्टर में मिड कैप और स्माल कैप बैंक्स का प्रदर्शन काफी अच्छा है। अगर हमें कहीं पर निराशा हुई है तो कुछ बड़े बैंकों से हुई है। छोटे-मझोले बैंक से नहीं हुई है। आरबीआई के रेट हाइक की वजह से हो सकता है एनबीएफसी पर दबाव आए। लेकिन मेन स्ट्रीम बैंक्स को इसका फायदा मिल सकता है। आगे की तिमाहियों में इनका प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।
एंथ्रोपिक के IPO का भारतीय IT पर असर नहीं
आईटी शेयरों पर अपनी राय साझा करते हुए संजय सिन्हा ने कहा कि एंथ्रोपिक के IPO का भारतीय IT पर असर शायद ना हो क्योंकि हमारी जो फ्रंट लाइन आईटी कंपनीज है उनका एआई एक्सपोजर बहुत कम है। आईटी कंपनियों के नतीजों ने लोगों को चकित किया है। लेकिन इनका गाइडेंस निराश करने वाला रहा है। लेकिन अगर आप देखें तो स्टॉक्स में बहुत करेक्शन में नहीं आया है। ऐसे आईटी को लेकर एक उम्मीद बन रही है। अगली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे तो IT का जोश बढ़ेगा।
एफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए संजय सिन्हा ने कहा कि एफएमसीजी शेयरों पर वे काफी दिनों से बेयरिश हैं। इनका वैल्यूएशन महंगा दिख रहा है। इनके भाव की इनकी ग्रोथ के जस्टिफाइ नहीं करते। FMCG में ग्रोथ के लिहाज से वैल्युएशन महंगा है।
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