दिवाली सिर्फ दीयों की रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि नई उम्मीदों और नए संकल्पों का त्योहार है। अंधेरे को चीरकर उजाले की एक नई लकीर खींचने का पर्व है। जब घर के हर कोने में दीया जलता है तो मन में यह विश्वास जगता है आने वाला कल और बेहतर होगा। निवेशक भी इस दिवाली यही उम्मीद सजा कर बैठे हैं कि इस दिवाली पोर्टफोलियो का अंधेरा दूर हो। पिछले 1 साल काफी मुश्किल भरे गए। वेस्ट एशिया संकट,कच्चा तेल,टैरिफ,AI, रुपए में कमजोरी जैसे चैलेंज ने बाजार के मनोबल को तोड़ दिया। FIIs भी मुंह फुलाए बैठ हैं। हाल ये है कि पिछली दिवाली से इस दिवाली तक निफ्टी ने 12 फीसदी से ज्यादा के निगेटिव रिटर्न दिए। ऐसे में हर निवेशक पूछ रहा है आखिर बाजार का ये ग्रहण कब दूर होगा। तेजी का चिराग कैसे जलेगा,कौन सा वो सेक्टर है जो पोर्टफोलियो को रोशन करेगा? निराशा भरे इस माहौल में उम्मीद की नई किरण जगाने के लिए आज हमारे साथ जुड़ रहे हैं देश के जाने माने निवेश गुरु मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के चेयरमैन और को-फाउंडर रामदेव अग्रवाल।
लंबी अवधि के निवेश में पैसा जरूर बनता है। कॉरपोरेट प्रॉफिट में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। कोविड के बाद से देश में इक्विटी कल्चर बढ़ा है। बाजार हर 6 साल में डबल होता है। बाजार में 2020-2024 तक शानदार तेजी रही। बाजार आपके धैर्य की परीक्षा लेगा, बॉटम बन गया ये कहना मुश्किल है। हालांकि वैल्यूएशन अब ठीक हो गए हैं। अर्निंग ग्रोथ को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। देश की इकोनॉमिक ग्रोथ काफी मजबूत है। अच्छे लार्ज कैप में निवेश करना बेहतर होगा। घरेलू संस्थागत निवेशकों की तरफ से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।
अर्निंग ग्रोथ को लेकर ज्यादा चिंता नहीं
उन्होंने आगे कहा कि अर्निंग ग्रोथ को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। देश की इकोनॉमिक ग्रोथ काफी मजबूत है। अच्छे लार्ज कैप में निवेश करना बेहतर होगा। DIIs की तरफ से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। SIP के जरिए बाजार में निवेश जारी रहेगा। SIP अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। बाजार को म्यूचुअल फंड से ज्यादा सपोर्ट मिल रहा है। FIIs लाने के लिए टैक्स को आकर्षक बनाना होगा।
लंबी अवधि में बाजार पर भरोसा
लंबी अवधि में बाजार पर भरोसा बना हुआ है। अगली दिवाली तक बाजार में बड़े रिटर्न की उम्मीद है। निवेश के लिए 5-10 साल का नजरिया जरूरी है। छोटी अवधि का अनुमान लगाना मुश्किल है। 5-10 साल में बाजार में पैसा बनाने के अच्छे मौके हैं। नॉमिनल GDP 10-12% बढ़े तो कॉरपोरेट मुनाफे को भी सहारा मिलेगा। कॉरपोरेट प्रॉफिट 12-13% बढ़े तो इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त संभव है। बाजार करीब हर 6 साल में डबल होने का ट्रेंड हैं।
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि अर्निंग ग्रोथ धीमी पड़ने से बाजार में बिकवाली आई है। महंगे वैल्यूएशन के बाद मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार में करेक्शन जारी है,बॉटम बताना मुश्किल है। भारतीय बाजार अभी बेयर फेज में है।
वैल्यूएशन और बाजार की दिशा
रामदेव अग्रवाल का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन पहले के मुकाबले आकर्षक हैं। मिड और स्मॉलकैप में अच्छी तेजी के बाद करेक्शन जारी है। IPO की बढ़ती संख्या और FII की चाल पर नजर जरूरी है। निफ्टी कंपनियों के नतीजे बेहतर हुए तो मूड सुधरेगा।
रामदेव अग्रवाल की राय है कि अच्छी क्वालिटी वाले लार्जकैप शेयरों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। फाइनेंशियल और बड़े शेयरों में अच्छे रिटर्न की उम्मीद है। दिग्गज प्राइवेट बैंकों में मौके तलाशने चाहिए। बैंकिंग शेयरों का वैल्यूएशन आकर्षक नजर आता है। चुनिंदा कंपनियों पर दांव लगाएं,बहुत ज्यादा शेयरों में न बंटें।
FIIs और रुपए की मजबूती अहम
रुपये में कमजोरी भारतीय बाजार के लिए बड़ा निगेटिव फैक्टर है। SIP का पैसा बाजार को लंबे समय तक सहारा देता रहेगा। ग्लोबल इंडेक्स में भारत का वेटेज घटने से विदेशी निवेश पर दबाव है। FIIs को आकर्षित करने के लिए सुधारों पर जोर देना होगा। LTCG में राहत से कुछ समय के लिए फायदा हो सकता है। लेकिन सरकार को लॉन्ग टर्म के लिए सॉल्यूशन तलाशने होंगे।
AI से IT कंपनियों की ग्रोथ पर दबाव देखने को मिल रहा है। भारतीय IT कंपनियों को AI में तेजी से काम बढ़ाना होगा। AI में निवेश बढ़ने से नई ग्रोथ और रिटर्न के मौके मिलेंगे। कैपिटल मार्केट बड़ी थीम है। 10 साल में सेक्टर के 10 गुना बढ़ने की संभावना है।
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