Market news : सेंसेक्स-निफ्टी ऊपर से फिसलकर हुए बंद, जानिए 9 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market today : इंडेक्स में निर्णायक रुझान देखने को नहीं मिल रहा है। हर सेशन में तेज़ी और मंदी का दौर देखने को मिल रहा है। सैमको सिक्योरिटीज़ के धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी अब 24,500-25,000 के बड़े कंसोलीडेशन रेंज के बीच ही अटका हुआ है। इस रेंज से आगे निकलने पर ही बाजार में नई तेजी देखने को मिलेगी
MoneyControl News
अपडेटेड Sep 08, 2025 पर 4:40 PM
सैमको सिक्योरिटीज़ के धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी अब 24,500-25,000 के बड़े कंसोलीडेशन रेंज के बीच ही अटका हुआ है। इस रेंज से आगे निकलने पर ही बाजार में नई तेजी देखने को मिलेगी
Stock market : भारतीय सेंसेक्स-निफ्टी इंट्राडे बढ़त को बरकरार रखने में विफल रहे और 9 सितंबर को वोलेटाइल कारोबारी सत्र में मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,750 से ऊपर बना रहा। इसमें ऑटो, मेटल, तेल और गैस और पीएसयू बैंकों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। अच्छी शुरुआत के बाद, बेंचमार्क इंडेक्सों में तेजी आई और निफ्टी 24,885.50 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, अंतिम घंटे में मुनाफावसूली के कारण अधिकांश बढ़त हवा हो गई और निफ्टी दिन के निम्नतम स्तर के पास बंद हुआ।
कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 76.54 अंक या 0.09 प्रतिशत बढ़कर 80,787.30 पर और निफ्टी 32.15 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 24,773.15 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 0.5-0.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
निफ्टी पर टाटा मोटर्स, जेएसडब्ल्यू स्टील, आयशर मोटर्स, एमएंडएम और बजाज ऑटो आज के टॉप गेनरों में शामिल रहे। जबकि ट्रेंट, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टेक महिंद्रा निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।
जीएसटी दरों में हालिया कटौती से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, "22 सितंबर के बाद, जब नई जीएसटी दरें लागू होंगी तो खासकर ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भारी उछाल आएगा।"
अमेरिका में कमज़ोर लेबरआंकड़ों ने इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। मेहता इक्विटीज़ लिमिटेड के प्रशांत तापसे का कहना है कि 17 सितंबर की बैठक में फेड द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के आनंद जेम्स का कहना है कि शुक्रवार को 20-डे एसएमए से ऊपर बंद होना,बाजार में ऊपर जाने के लिए पर्याप्त जोखिम उठाने की क्षमता का संकेत है। 24,870 से ऊपर जाने पर निफ्टी के लिए 25,400 की ओर का रास्ता खुल सकता है। वहीं, 24700 के ऊपर टिकने में असफल रहने पर 24500 से नीचे गिरने और 24,075 तक फिसलने की संभावना है।
आगे निवेशक भारत और अमेरिका, दोनों के महंगाई के आंकड़ों पर कड़ी नज़र रखेंगे। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति के बारे में संकेत मिलेगा। अपनी पिछली बैठक में, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती का संकेत दिया था। इस बीच उम्मीद से कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों ने अगले हफ़्ते फेड की बैठक में कटौती की उम्मीदों को और मज़बूत कर दिया है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो इंडेक्स में निर्णायक रुझान देखने को नहीं मिल रहा है। हर सेशन में तेज़ी और मंदी का दौर देखने को मिल रहा है। सैमको सिक्योरिटीज़ के धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी अब 24,500-25,000 के बड़े कंसोलीडेशन रेंज के बीच ही अटका हुआ है। इस रेंज से आगे निकलने पर ही बाजार में नई तेजी देखने को मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि 24,900 से ऊपर की मजबूत चाल शॉर्ट कवरिंग ट्रिगर कर सकती है, जिससे एक लंबी रैली का रास्ता खुल सकता है। जबकि 24,500 से नीचे की गिरावट मंदी के नए दौर की शुरुआत कर सकती है। तब तक बाजार में रेंज-बाउंड एक्शन जारी रहने की संभावना है। इस रेंज की निचली सीमा 24,400 और ऊपरी सीमा 24,900 हो सकती है।
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