Market Outlook: अगले हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? ये 6 बड़े फैक्टर करेंगे तय
Market Outlook: अगला हफ्ता शेयर बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाला है। कई बड़े फैक्टर्स बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। जानिए किन ट्रिगर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर।
बाजार की नजर भारत की GDP ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी रहेगी।
Market Outlook: शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI की मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। खासकर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बाद कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने के लिए मान गया है।
इसके अलावा कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और रुपये-डॉलर की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
1. अमेरिका-ईरान तनाव पर रहेगी नजर
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा के मुताबिक निवेशक अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों पर करीबी नजर रखेंगे।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें महंगाई, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों के निवेश फैसलों को प्रभावित करती हैं। इसलिए इनकी चाल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।
2. PMI के आंकड़े भी अहम
सोमवार को मई महीने का अंतिम HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI डेटा जारी होगा। इसके बाद बुधवार को सर्विसेज PMI और कंपोजिट PMI के आंकड़े आएंगे।
इन आंकड़ों से यह समझने में मदद मिलेगी कि देश में मांग, कारोबार और आर्थिक गतिविधियां किस दिशा में बढ़ रही हैं। साथ ही यह भी पता चलेगा कि अलग-अलग सेक्टर्स में ग्रोथ कितनी मजबूत बनी हुई है।
3. RBI का फैसला बड़ा ट्रिगर
अगले हफ्ते बाजार की सबसे ज्यादा नजर RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर रहेगी। RBI अपने फैसले की घोषणा शुक्रवार को करेगा।
अजीत मिश्रा के मुताबिक, यह पूरे हफ्ते का सबसे महत्वपूर्ण इवेंट होगा। निवेशक यह जानना चाहेंगे कि RBI ब्याज दरों, महंगाई और बाजार में नकदी की स्थिति को लेकर क्या रुख अपनाता है।
4. GDP और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े
बाजार की नजर भारत की GDP ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी रहेगी।
इन आंकड़ों से देश की आर्थिक रफ्तार और बाहरी वित्तीय स्थिति को लेकर स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं। निवेशक इन आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।
5. रुपये और FII की हलचल पर नजर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री, वैश्विक शेयर बाजारों का रुख और प्रमुख आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ती है या वैश्विक बाजारों में कमजोरी आती है, तो इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
6. ऑटो बिक्री के आंकड़ों पर भी रहेगी नजर
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीणा के मुताबिक 1 जून को मई महीने के ऑटो बिक्री के आंकड़े जारी किए जाएंगे।
इन आंकड़ों से ऑटो सेक्टर में मांग की स्थिति का अंदाजा लगेगा और इससे ऑटो कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।
निफ्टी की दिशा क्या तय करेगी?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि निकट अवधि में भारतीय शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से दो बड़े कारकों पर निर्भर करेगी। पहला RBI की मौद्रिक नीति और दूसरा भारत की GDP ग्रोथ के आंकड़े।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा PMI और IIP जैसे आर्थिक आंकड़े भी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती तस्वीर पेश करेंगे। इन आंकड़ों से बाजार को यह समझने में मदद मिलेगी कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार आगे कैसी रह सकती है।
पिछले हफ्ते दबाव में रहा बाजार
बीते सप्ताह बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी। BSE सेंसेक्स 639.61 अंक यानी 0.84% गिरा, जबकि NSE निफ्टी 171.55 अंक यानी 0.72% टूट गया। लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
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