Market Outlook: लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 15 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि हाल की बढ़त के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग की वजह से भारतीय शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले सतर्क दिख रहे हैं
Market Outlook : सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी पिछले 13 ट्रेडिंग सेशन से एक दायरे में ही कारोबार कर रहा है,जिससे पता चलता है कि किसी खास दिशा को लेकर कोई मज़बूत राय नहीं बन पा रही है
Market Outlook : 14 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,650 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ। लगभग 2351 शेयरों में बढ़त हुई, 1694 शेयरों में गिरावट आई और 129 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि इंफोसिस, नेस्ले, टेक महिंद्रा, टाटा कंज्यूमर और कोल इंडिया में बढ़त देखी गई।
सेक्टर की बात करें तो आईटी, एनर्जी, तेल और गैस, मीडिया और FMCG में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि ऑटो, मेटल, फार्मा, रियल्टी और प्राइवेट बैंक में 0.5-1.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल की बढ़त के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग की वजह से भारतीय शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले सतर्क दिख रहे हैं। इंट्राडे में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और RBI के विदेशी मुद्रा से जुड़े उपायों के बाद रुपये में मजबूती और LTCG टैक्स और STT की संभावित समीक्षा की उम्मीदों से बाजार के सेंटीमेंट को कुछ सहारा मिला।
हालांकि,उम्मीद से ज्यादा घरेलू WPI (थोक मूल्य सूचकांक) के आंकड़ों ने बॉन्ड यील्ड को बढ़ा दिया,जिससे सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं और ऑटोमोबाइल,प्राइवेट बैंकों और मेटल सेक्टर पर दबाव पड़ा।
इस बीच, IT, FMCG और PSU बैंकों से मिले अच्छे बिज़नेस अपडेट्स ने मुश्किल मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल के बावजूद मजबूत कमाई की संभावना वाली और बुनियादी तौर पर मज़बूत कंपनियों के प्रति निवेशकों के भरोसे को और मज़बूत किया।
कोटक नियो के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद निफ्टी को 22,750 के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और इसमें तेज़ी से गिरावट आई। डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल भी बनी। श्रीकांत चौहान का मानना है कि 22,500 और 22,450 निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट लेवल बने हुए हैं। जब तक निफ्टी इन लेवल से ऊपर ट्रेड करता है,तब तक पुलबैक जारी रहने की संभावना है।
ऊपर की तरफ 22,750–22,800 बुल्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन का काम करेगा। 22,800 के ऊपर सफल ब्रेकआउट मार्केट को 23,000 की ओर ले जा सकता है। इसके उलट,22,450 से नीचे गिरने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से निकलने पर विचार कर सकते हैं।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड, सुदीप शाह ने कहा कि बुधवार को निफ्टी में लगभग 200 अंकों के दायरे में ट्रेड हुआ जो पिछले चार सेशन की सबसे छोटी ट्रेडिंग रेंज है। पिछले सेशन की शॉर्ट-कवरिंग रैली के बाद,निफ्टी ने अपनी बढ़त को आगे बढ़ाने की कोशिश की,लेकिन मोमेंटम बनाए रखने में नाकाम रहा और 0.43% नीचे बंद हुआ। निफ्टी पिछले 11 ट्रेडिंग सेशन से कंसोलिडेट हो रहा है और दोनों तरफ उतार-चढ़ाव दिखा रहा है। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) के साथ एक बेयरिश-बॉडी वाली कैंडल बनाई, जो लगातार उतार-चढ़ाव के बीच अनिश्चितता और स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।
टेक्निकल नज़रिए से, निफ्टी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। हालांकि, RSI निचले स्तरों से धीरे-धीरे सुधरा है और 40 के आसपास है,जबकि MACD बिकवाली के मोमेंटम में कमी का संकेत दे रहा है। स्थिरता के इन शुरुआती संकेतों के बावजूद,अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।
आगे निफ्टी के लिए 22500–22480 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। इस जोन के नीचे टूटने पर 22330 की तरफ गिरावट का मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है। ऊपर की तरफ, 22770–22800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स लगातार इस जोन के ऊपर बना रहता है तो पुलबैक रैली 22950 तक बढ़ सकती है। जब तक कोई साफ़ ब्रेकआउट नहीं दिखता तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है और बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।
बैंक निफ्टी आउटलुक
सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी पिछले 13 ट्रेडिंग सेशन से एक दायरे में ही कारोबार कर रहा है,जिससे पता चलता है कि किसी खास दिशा को लेकर कोई मज़बूत राय नहीं बन पा रही है। इंडेक्स ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) के साथ एक छोटी बॉडी वाली डोजि कैंडल (doji candle) बनाई और 0.30% नीचे बंद हुआ, जो मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता को दिखाता है। यह अहम EMA के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि RSI और MACD में कोई खास हलचल नहीं दिख रही है। इससे संकेत मिलता है कि जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक यह कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। आगे चलकर, 54900–54800 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर बैंक निफ्टी इस जोन के नीचे जाता है तो 54400 की तरफ नई बिकवाली शुरू हो सकती है। ऊपर की तरफ, 55800–55900 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर बैंक निफ्टी लगातार इस जोन के ऊपर बना रहता है तो पुलबैक 56300 तक बढ़ सकता है।
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