Market Outlook : बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 14 अक्टूबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बयान के बाद कि सरकार LTCG टैक्स हटाने पर स्टेकहोल्डर्स की राय सुनने को तैयार है,बाजार का मूड बेहतर हुआ है। इससे उम्मीद है कि भारतीय इक्विटी बाजार में जल्द ही और सुधार देखने को मिलेगा

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 4:17 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Market Outlook :SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 22,830-22,850 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम करेगा

Market Outlook :13 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,700 के बंद हुआ। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,109.10 अंक या 1.54 प्रतिशत बढ़कर 73,033.78 पर और निफ्टी 358.60 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 22,721.95 पर बंद हुआ। लगभग 2303 शेयरों में बढ़त देखी गई, 1711 शेयरों में गिरावट आई और 162 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, TCS, श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल रहे,जबकि गिरावट वाले शेयरों में एटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, मैक्स हेल्थकेयर, पावर ग्रिड कॉर्प और मारुति सुजुकी शामिल रहे।

एनर्जी और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 5% की बढ़त हुई, जबकि मेटल, PSU बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में तेजी आई क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रही, जिससे कॉर्पोरेट मुनाफे में बढ़ोतरी का भरोसा बढ़ा और बेंचमार्क में ज्यादा वेटेज वाले लार्ज-कैप शेयरों को सहारा मिला। रुपये में स्थिरता और बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया, जिससे फाइनेंशियल शेयरों पर फोकस बढ़ा। हालांकि, महंगाई के RBI की टॉलरेंस लिमिट के ऊपरी स्तर के करीब होने और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता की वजह से एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। इससे पॉलिसीमेकर्स मैक्रो स्टेबिलिटी को लेकर सतर्क रह सकते हैं,जिससे बाजार एक सीमित दायरे में रह सकता है।

फिर भी,IT सेक्टर की मजबूत शुरुआत और Q2 में कॉर्पोरेट के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें यह बताती हैं कि मुश्किल बाहरी माहौल के बावजूद बाजार में मजबूती बनी हुई है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बयान के बाद कि सरकार LTCG टैक्स हटाने पर स्टेकहोल्डर्स की राय सुनने को तैयार है,बाजार का मूड बेहतर हुआ है। इससे उम्मीद है कि भारतीय इक्विटी बाजार में जल्द ही और सुधार देखने को मिलेगा। अगर कोई बदलाव होता है,तो इससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ सकता है और इक्विटी बाजार में उनकी भागीदारी को बढ़ावा मिल सकता है,हालांकि अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। कंपनियों की कमाई ही मुख्य रूप से अलग-अलग शेयरों और सेक्टरों में हलचल की वजह बनी रहेगी। वहीं,IMF द्वारा भारत की FY27 GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% करने से घरेलू मांग को लेकर भरोसा और मज़बूत हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 22,830-22,850 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी लगातार 22,850 के ऊपर बना रहता है तो इससे जारी पुलबैक और मजबूत हो सकता है और 23,000 के स्तर तक रैली का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 22,580-22,550 का दायरा अहम सपोर्ट देगा। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक पुलबैक का ट्रेंड बने रहने की उम्मीद है।

 

 

बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में कई बड़ी डील्स की तैयारी, जानिए आगे किन शेयरों में देखने को मिल सकता है एक्शन

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।