Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 19 अगस्त को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज कच्चे तेल की कीमतों ने मार्केट के सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर डाला। वहीं,US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बना रहा

अपडेटेड Aug 18, 2026 पर 4:23 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Market trend : सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को बैंक निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,पिछले दस ट्रेडिंग सेशन से यह इंडेक्स 58077-57119 की सीमित रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि बाजार में किसी खास दिशा को लेकर कोई पक्का संकेत नहीं मिल रहा है

Market Outlook : 18 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। IT,रियल्टी,मेटल और FMCG सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। आज लगभग 1860 शेयरों में बढ़त हुई,2258 शेयरों में गिरावट आई और 172 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी पर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स,इंफोसिस,HCL टेक्नोलॉजीज,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,मैक्स हेल्थकेयर,ग्रासिम इंडस्ट्रीज,M&M और पावर ग्रिड कॉर्प शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,मीडिया और ऑयल एंड गैस सेक्टर बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि IT इंडेक्स में 1.9%,FMCG इंडेक्स में 0.7%,रियल्टी इंडेक्स में 1.4% और मेटल इंडेक्स में 0.6% की गिरावट आई। ब्रॉडर इंडेक्स में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज कच्चे तेल की कीमतों ने मार्केट के सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर डाला। वहीं,US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बना रहा। अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी सीज़फ़ायर के खत्म होने के बाद मिडिल ईस्ट में समाधान की उम्मीदें कम हो गईं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई और महंगाई के फिर से बढ़ने का डर पैदा हो गया।


अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उभरते बाजारों का आकर्षण और कम हो गया। IT शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई,क्योंकि इस बात का डर था कि लगातार ऊंची ब्याज दरों से ग्लोबल टेक्नोलॉजी पर होने वाले खर्च में कमी आ सकती है। हालांकि घरेलू फ़ंडामेंटल्स अभी भी मज़बूत बने हुए हैं,लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी से हालिया अर्निंग्स अपग्रेड पर दबाव पड़ सकता है,जिससे निवेशक निकट भविष्य में सतर्क रुख अपना सकते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज कमजोरी देखने को मिली और यह गिरावट के साथ बंद हुआ। हालिया तेजी के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव ने मार्केट के सेंटीमेंट पर खराब असर डाला,जिससे मार्केट सावधानी के रुख के साथ बंद हुआ। गिरावट के बावजूद,मार्केट का मेन स्ट्रक्चर काफी हद तक मजबूत बना हुआ है। निवेशक ग्लोबल संकेतों और घरेलू घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए हैं।

इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी 132 अंक गिरकर 24,154.00 पर बंद हुआ और इसने 24,200 के स्तर को नीचे की ओर तोड़ा। इंडेक्स अभी भी अपने सपोर्ट जोन से काफी ऊपर है,इसलिए इसका मेन स्ट्रक्चर अभी भी बुल्स के पक्ष में है। ट्रेडर्स को 24,100–24,050 को सबसे नजदीकी सपोर्ट और 23,900 को नीचे की ओर अगले मजबूत सपोर्ट के तौर पर देखना चाहिए। अगर इंडेक्स 24,250–24,350 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करता है तो और तेजी की गुंजाइश बनेगी।

BSE सेंसेक्स 492 अंक गिरकर 77,235.00 पर बंद हुआ। सेशन के दौरान इंडेक्स में चौतरफा प्रॉफिट बुकिंग देखी गई,लेकिन यह अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर टिका रहा। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 77,000–76,800 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 77,500–77,800 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकाऊ बढ़त शॉर्ट-टर्म आउटलुक को मजबूत करेगी।

आज की गिरावट ट्रेंड में बदलाव के बजाय रूटीन प्रॉफिट बुकिंग जैसी लग रही है,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बने रहें। बड़ी तस्वीर अभी भी बुल्स के पक्ष में है। अच्छे शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाना और साथ ही रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखना,इस स्थिति में समझदारी भरा कदम होगा।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे चलकर 24030-24000 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि ऊपर की ओर जाने वाले चैनल की बढ़ती ट्रेंडलाइन इन्हीं लेवल के आसपास है। अगर निफ्टी 24000 के लेवल से नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 23850 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ,24280-24300 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। जब तक निफ्टी 24300 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक बाजार का ओवरऑल रुख बेयरिश रहने की संभावना है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी के वीकली ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में कमजोरी बनी रही। इंडेक्स कई दिनों में पहली बार 50EMA के नीचे आ गया, जिससे बाजार में मंदी का रुझान और बढ़ गया है। RSI अभी भी बेयरिश क्रॉसओवर में है और इसमें गिरावट जारी है। कुल मिलाकर बाजार का रुख मंदी की ओर झुक सकता है क्योंकि इंडेक्स की तेजी की रफ्तार कम हो रही है। निचले स्तर पर गिरावट 24050–24000 तक बढ़ सकती है,जहां शुरुआती सपोर्ट मिलने की संभावना है। दूसरी ओर 24240 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को बैंक निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,पिछले दस ट्रेडिंग सेशन से यह इंडेक्स 58077-57119 की सीमित रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि बाजार में किसी खास दिशा को लेकर कोई पक्का संकेत नहीं मिल रहा है। लंबे समय से एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण अहम मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं,जो किसी स्पष्ट ट्रेंड के न होने का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी बाजार के एक ही दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। खास बात यह है कि डेली RSI पिछले 29 ट्रेडिंग सेशन से एक सीमित दायरे में चल रहा है जो इंडेक्स में कंसोलिडेशन के दौर को पुख्ता करता है।

आगे 57500-57600 का जोन, जहां अभी 20-डे EMA है,इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। नीचे की तरफ,56900-56800 का जोन जो 100-डे EMA के साथ मेल खाता है, से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर की तेजी या सपोर्ट जोन के नीचे गिरने से ही इसकी अगली दिशा तय होने की संभावना है,जिससे बैंक निफ्टी में एक लंबे समय तक चलने वाला ट्रेंड शुरू हो सकता है।

 

विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार FDI नियमों में जल्द दे सकती है ढील-सूत्र

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।