Market outlook: Nifty 24200 के नीचे हुआ बंद, जानिए 28 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market today : दो दिन के ठहराव के बाद बाजार में गिरावट का रुख फिर से हावी हो गया और आज करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सपाट शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे कारोबारी सत्र में धीरे-धीरे गिरता रहा। हालांकि आखिरी घंटे में मामूली उछाल ने नुकसान को कुछ कम करने में मदद की

अपडेटेड Oct 25, 2024 पर 4:23 PM
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फॉलो-अप खरीदारी के अभाव के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से निफ्टी हाल के कंसोलीडेशन से नीचे फिसल गया और 24350 से नीचे गिर गया

Stock market : 25 अक्टूबर को निफ्टी के 24,200 से नीचे रहने के साथ भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोर नोट पर बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 662.87 अंक या 0.83 फीसदी की गिरावट के साथ 79,402.29 पर और निफ्टी 218.60 अंक या 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 24,180.80 पर बंद हुआ। लगभग 804 शेयरों में तेजी आई, 2968 शेयरों में गिरावट आई और 80 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

इंडसइंड बैंक, बीपीसीएल, अदानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस और एमएंडएम निफ्टी पर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में से रहे, जबकि आईटीसी, सन फार्मा, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, एचयूएल और एक्सिस बैंक निफ्टी के टॉप गेनर रहे।

एफएमसीजी (0.5 फीसदी की तेजी) को छोड़कर सेक्टरों में सभी दूसरे इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। जिसमें ऑटो, कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑयल एंड गैस, पावर, टेलीकॉम, मीडिया में 1-2 फीसदी की गिरावट आई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.4 फीसदी की गिरावट आई।


28 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि दो दिन के ठहराव के बाद बाजार में गिरावट का रुख फिर से हावी हो गया और आज करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सपाट शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे कारोबारी सत्र में धीरे-धीरे गिरता रहा। हालांकि आखिरी घंटे में मामूली उछाल ने नुकसान को कुछ कम करने में मदद की। आखिरकार निफ्टी 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 24,180 पर बंद हुआ। मेटल, ऑटो और एनर्जी जैसे प्रमुख सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए जबकि ब्रॉडर इंडेक्सों में भी लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई।

इंडेक्स की चाल दर्शाती है कि बाजार पर अभी भी मंदड़िए हावी हैं। अगर निफ्टी 24,000 के नीचे फिसलता है तो स्थितियां और खराब हो सकती हैं। हालांकि किसी तेजी की स्थिति में 24,500 अब एक मजबूत रजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। ट्रेडर्स को "उछाल पर बेचने" की रणनीति बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि अधिकांश सेक्टोरल और ब्रॉडर इंडेक्स दबाव में हैं। आगे के संकेतों के लिए कंपनियों के नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर नजर बनाए रखें।

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एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि फॉलो-अप खरीदारी के अभाव के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से निफ्टी हाल के कंसोलीडेशन से नीचे फिसल गया और 24350 से नीचे गिर गया। मार्केट सेंटीमेंट बहुत कमजोर दिख रहा है। ऐसे में किसी पुलबैक में बिकवाली की संभावना है। 24300-24400 की ओर आने वाले किसी भी उछाल का उपयोग लॉन्ग पोजीशन को घटाने के लिए किया जा सकता है। निकट अवधि में निफ्टी के लिए 24000 पर सपोर्ट है। इस स्तर से नीचे ब्रेक होने पर नफ्टी में और गिरावट आ सकती है।

 

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