Market Outlook: बाजार में जारी रही तेजी, जानिए 6 नवंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook : PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी आने से भारतीय शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। सेंसेक्स में लगभग 2.3% और निफ्टी में 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई
Market Outlook : तकनीकी रूप से एक मजबूत गैप-अप ओपनिंग के बाद बाजार में पूरे दिन पॉजिटिव मोमेंटम बना रहा। इसने एक मजबूत बुलिश कैंडल बनाई और इंट्राडे चार्ट्स पर यह 'हायर-हाई' और 'हायर-लो' का पैटर्न बना रहा है
Market Outlook : 5 नवंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार छठे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,500 के स्तर के ऊपर सेटल हुआ। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 2,008.61 अंक या 2.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,310.01 पर और निफ्टी 576.00 अंक या 2.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,536.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2,868 शेयरों में तेजी आई, 1,384 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे। जबकि अपोलो हॉस्पिटल्स, ओएनजीसी, एनटीपीसी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.8% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% की तेजी आई।
एनर्जी (0.3% की गिरावट) और मीडिया (0.8% की गिरावट) को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। ऑटो सूचकांक में 4% की तेजी आई। रियल्टी, पीएसयू बैंक, निफ्टी बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 3-3% की तेजी रही। जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और आईटी इंडेक्स में 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद
PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी आने से भारतीय शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। सेंसेक्स में लगभग 2.3% और निफ्टी में 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
ब्रेंट क्रूड लगभग 9% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI 8% से अधिक गिरकर लगभग 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर लगभग 94.36 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, सोने का भाव 4,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर रहा और चांदी लगभग 52 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी। हालांकि, दिसंबर में अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना और अमेरिका के आगामी रोजगार आंकड़ों के कारण ग्लोबल बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आगे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, करेंसी में स्थिरता और कॉर्पोरेट अर्निंग्स यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि बाजार की यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है।
बाजार में दिख रहा सेक्टर रोटेशन
स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और CEO, प्रणय अग्रवाल ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजारों में आई हालिया रिकवरी निवेशकों के बेहतर होते सेंटीमेंट को दिखाती है। इसे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से बढ़ती भागीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी के रुझान का सपोर्ट मिला है। हालांकि,यह ट्रेंड आगे भी बना रहेगा या नहीं यह ग्लोबल आर्थिक घटनाओं, कंपनियों की कमाई और घरेलू लिक्विडिटी की स्थिति पर निर्भर करेगा। मेटल और रियल्टी शेयरों में मजबूती, जबकि IT शेयरों में कमजोरी यह बताती है कि निवेशकों की पसंद में सेक्टर-स्पेसिफिक बदलाव आ रहे हैं,न कि पूरे बाजार में एक समान रिकवरी आ रही है।
FII की ओर से फिर से खरीदारी शुरू होना एक पॉजिटव संकेत है। हालांकि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच इस तेजी का लगातार बने रहना अहम होगा। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये में स्थिरता से आयातित महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे कंपनियों की इनपुट लागत (लागत खर्च) में कुछ राहत मिल सकती है। आगे निवेशक वैश्विक ब्याज दरों के अनुमान, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, करेंसी के रुझान और कंपनियों के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,इसलिए एक अनुशासित और जोखिम को ध्यान में रखने वाला नजरिया अपनाना तथा कंपनियों के फंडामेंटल्स पर ध्यान देना जरूरी होगा।
निफ्टी में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर
LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी ने डेली चार्ट पर सभी अहम मूविंग एवरेज को फिर से हासिल करके अपने टेक्निकल आउटलुक को मजबूत किया है, जो एक बुलिश ट्रेंड रिवर्सल का संकेत है। RSI 75 के करीब 'ओवरबॉट' जोन में पहुंच गया है, जो निकट भविष्य में प्रॉफिट बुकिंग या कंसोलिडेशन की संभावना का संकेत देता है। हालांकि, कुल मिलाकर मोमेंटम अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है।
24,200 के स्तर की ओर कोई भी गिरावट तत्काल सपोर्ट का काम कर सकती है, जबकि 24,000 एक महत्वपूर्ण पोजीशनल सपोर्ट बना हुआ है। ऊपर की तरफ, 24,800 और 25,000 पर रेजिस्टेंस है। गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाना उचित रहेगा।
डे ट्रेडर्स के लिए 24350/78700 के स्तर पर अहम सपोर्ट
कोटक नियो में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स में शानदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी 576 अंक ऊपर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 2009 अंकों की बढ़त रही। सेक्टर्स की बात करें तो, कैपिटल मार्केट और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इनमें 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। वहीं, डिफेंस इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही जो 1.70 प्रतिशत नीचे आ गया।
तकनीकी रूप से एक मजबूत गैप-अप ओपनिंग के बाद बाजार में पूरे दिन पॉजिटिव मोमेंटम बना रहा। इसने एक मजबूत बुलिश कैंडल बनाई और इंट्राडे चार्ट्स पर यह 'हायर-हाई' और 'हायर-लो' का पैटर्न बना रहा है। यह मौजूदा स्तरों से आगे और तेजी आने का संकेत है। डे ट्रेडर्स के लिए, 24350/78700 का स्तर एक अहम सपोर्ट का काम करेगा। जब तक बाजार इस स्तर के ऊपर ट्रेड कर रहा है,तब तक बुलिश सेंटीमेंट बने रहने की संभावना है।
ऊपर की तरफ यह तेजी 24700–24800/79800-80000 तक जारी रह सकती है। दूसरी ओर, 24350/78700 के नीचे जाने पर करेक्शन 24250–24200/78500-78200 तक जारी रह सकता है।
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