Market outlook : सेंसेक्स-निफ्टी भारी गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 25 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market outlook :निवेशक, खासकर उन सेक्टर में जो ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं, जोखिम लेने से बच रहे हैं। आगे चलकर,जब तक कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड को लेकर ज़्यादा स्पष्टता नहीं आती,तब तक बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाज़ार के सेंटीमेंट को ठीक करने के लिए इन दबावों में कमी आना जरूरी होगा
Stock Market outlook :श्रीकांत चौहान का मानना है कि अभी मार्केट का मिज़ाज कमज़ोर है और जब तक निफ्टी 23,150 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक सेंटीमेंट कमज़ोर बने रहने की संभावना है
Market outlook : 24 सितंबर को सभी सेक्टर में हुई बिकवाली के कारण भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,100 के नीचे आ गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,580.54 पर और निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ। लगभग 1400 शेयरों में बढ़त हुई,2772 शेयरों में गिरावट आई और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,HDFC लाइफ,बजाज फिनसर्व,एक्सिस बैंक और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला और NTPC शामिल रहे।
आज सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.2%,निफ्टी मेटल 1.9%,निफ्टी बैंक 1.7%,निफ्टी इंफ्रा 1.5%,निफ्टी ऑटो 1.5%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.3%,निफ्टी PSU बैंक 1.3%,निफ्टी एनर्जी 1.2% और निफ्टी FMCG 1% गिरे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5 प्रतिशत गिरा।
निफ्टी पर फंडामेंटल व्यू
PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिज़नेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त बिकवाली का दौर देखने को मिला। सभी सेक्टर में और खासकर फाइनेंशियल सेक्टर में बिकवाली तेज़ रही। यह गिरावट सिर्फ़ मुनाफ़ावसूली से कहीं ज़्यादा है। US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड का बढ़कर लगभग 5.11% होना,कच्चे तेल की कीमत का $100 प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, ये सभी मिलकर महंगाई,उधार लेने की लागत और ग्लोबल मॉनेटरी ईज़िंग (ब्याज दरों में ढील) की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ा रहे हैं।
इस वजह से निवेशक, खासकर उन सेक्टर में जो ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं, जोखिम लेने से बच रहे हैं। आगे चलकर,जब तक कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड को लेकर ज़्यादा स्पष्टता नहीं आती,तब तक बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाज़ार के सेंटीमेंट को ठीक करने के लिए इन दबावों में कमी आना जरूरी होगा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते बाज़ार पर दबाव दिखा। यह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक जोखिमों के बढ़ने का संकेत है। महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर बनी अनिश्चितताओं के कारण ब्याज दरों की चाल को लेकर चिंताएं बढ़ीं है,जिससे निवेशकों का मूड जोखिम लेने के बजाय सावधानी बरतने वाला हो गया है।
घरेलू बाजार की बात करें तो कमीशन स्ट्रक्चर की रेगुलेटरी समीक्षा और मुनाफ़े पर इसके असर को लेकर बनी चिंताओं के कारण इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर कमज़ोर बने रहे।
बाज़ार अभी अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल के आस-पास बना हुआ है। कोई नया पॉजिटिव ट्रिगर न होने की वजह से,निकट भविष्य में निवेशकों का मूड सतर्क रह सकता है। इससे वैल्यूएशन में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है और आगे चलकर बाज़ार के प्रदर्शन के लिए अर्निंग में बढ़ोतरी ही मुख्य फैक्टर बन सकती है।
निफ्टी पर टेक्निकल व्यू
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि बुधवार को थोड़ी बढ़त के बाद,IRDAI के कंसल्टेशन पेपर और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के कारण गुरुवार को निफ्टी में बड़ी गिरावट आई। डेली चार्ट पर गैप-डाउन ओपनिंग के साथ एक लंबी 'बेयर कैंडल'बनी। हाल का 23489 का स्विंग हाई एक नया लोअर टॉप लगता है और निफ्टी अब एक नया लोअर बॉटम बनाने की ओर नीचे खिसक रहा है।
गुरुवार को 23100 के आसपास के अहम सपोर्ट लेवल (8 अप्रैल की पिछली ओपनिंग अपसाइड गैप और जून की शुरुआत का स्विंग लो) की फिर से टेस्टिंग हुई,लेकिन इस सपोर्ट से कोई खास रिकवरी नहीं दिखी। इसलिए,मार्केट अब ब्रेकडाउन की कगार पर है।
निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नीचे की ओर झुक गया है। अगर 23000 का लेवल टूटता है तो निफ्टी के जल्द ही 22600 तक गिरने की संभावना है। यहां से किसी भी उछाल को 23300 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 384 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 1248 अंकों की गिरावट देखने को मिली। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे,लेकिन फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे ज़्यादा यानी 4.35% से ज़्यादा की गिरावट आई। तकनीकी तौर पर,गैप-डाउन ओपनिंग के बाद निफ्टी 23,250 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और यह 'लोअर टॉप'फ़ॉर्मेशन भी बनाए हुए है जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी का संकेत देता है।
श्रीकांत चौहान का मानना है कि अभी मार्केट का मिज़ाज कमज़ोर है और जब तक निफ्टी 23,150 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक सेंटीमेंट कमज़ोर बने रहने की संभावना है। नीचे की तरफ़ 23,000 का लेवल एक इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन का काम करेगा। इसके नीचे जाने पर निफ्टी 22,800-22,850 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ़, 23,150 के ऊपर जाने पर पुलबैक 23,250-23,300 तक जा सकता है।
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