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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 22, 2026 पर 5:22 PM
Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market Outlook : आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

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