Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 2 नवंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि लगातार बनी महंगाई की चिंताओं के कारण इक्विटी मार्केट दबाव में रहा। फेड के साथ-साथ ECB और BoJ ने भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। जबकि AI वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा
Market Outlook : आगे कंपनियों के मजबूत नतीजों और घरेलू निवेशकों के रुख से इक्विटी बाजारों को सहारा मिल सकता है
Market Outlook : 30 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी आज 23,000 के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,459.53 पर और निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ। आज 1311 शेयरों में तेजी आई, 2862 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और सन फार्मा शामिल रहे। जबकि अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेज, एमएंडएम और कोल इंडिया में गिरावट देखने को मिली।
सेक्टरों की बात करें तो आईटी इंडेक्स में 2.3% और फार्मा इंडेक्स में 1.8% की तेजी आई। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एनर्जी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि ऑटो, निफ्टी बैंक, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
इस हफ्ते बाजार
वीकली बेसिस पर देखें तो बाजार ने पिछले हफ्ते के नुकसान की भरपाई कर ली है, निफ्टी में करीब 2% की तेजी आई है। पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया है, निफ्टी स्मॉलकैप में 4% से ज्यादा की तेजी रही है। फार्मा और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई है,निफ्टी फार्मा 7% से ज्यादा ऊपर बंद हुआ है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि लगातार बनी महंगाई की चिंताओं के कारण इक्विटी मार्केट दबाव में रहा। फेड के साथ-साथ ECB और BoJ ने भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। जबकि AI वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।
अमेरिका-ईरान तनाव की नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई, जिससे बाजार का सेंटिमेंट और कमजोर हो गया। इसके चलते मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने को मिली। लार्ज-कैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर मजबूती दिखाई, जिसे IT सेक्टर का सहारा मिला। ग्लोबल AI शेयरों से पैसा निकालकर चुनिंदा IT शेयरों में निवेश किया गया। वहीं, अच्छे नतीजों और डिफेंसिव डिमांड के चलते फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी रही।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि गुरुवार को एक मजबूत अपसाइड ब्रेकआउट दिखाने के बाद,निफ्टी ने शुक्रवार को भी अपनी तेजी जारी रखी और 115 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक अच्छी पॉजिटिव कैंडल बनी है, जो एक निर्णायक ब्रेकआउट के बाद बाजार में लगातार खरीदारी आने का संकेत देती है।
वीकली चार्ट पर निफ्टी ने एक लंबी बुल कैंडल बनाई है। यह कैंडल एक अहम मीडियम-टर्म ट्रेंड लाइन सपोर्ट के पास बनी है,जो पिछले तीन हफ्तों की बुल और बियर कैंडल्स की एक सीरीज का हिस्सा है।
निफ्टी अब 23200 के स्तर के आसपास एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के करीब पहुंच रहा है ।पोलैरिटी में बदलाव के मुताबिक यह एक अहम रेजिस्टेंस है । इसलिए,आगे और तेजी आने से पहले अगले हफ्ते की शुरुआत में बाजार में कंसोलिडेशन (एक दायरे में उतार-चढ़ाव) या ऊपरी स्तरों से थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 23200 के स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो यह बहुत जल्द 23500-23600 के स्तर तक पहुंच सकता है। अगर ऊपरी स्तरों से कोई करेक्शन आता है तो निफ्टी को 22800 के आसपास सपोर्ट मिल सकता है।
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि कुछ सत्रों के कंसोलिडेशन के बाद,गुरुवार को निफ्टी में ब्रेकआउट देखने को मिला। यह 22,800 के अहम स्तर के ऊपर बंद हुआ और इसने अपने 20-DMA को फिर से हासिल कर लिया। RSI में भी बुलिश क्रॉसओवर हुआ है जो मोमेंटम में सुधार का संकेत है। 3-घंटे के चार्ट पर एक 'सिमेट्रिकल ट्रायंगल' पैटर्न बन रहा है। इसकी पुष्टि के लिए 23,250 के स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होना जरूरी है। जब तक इंडेक्स 22,800 के स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म आउटलुक पॉजिटिव रहेगा।
ट्रेडर्स 23,250 के आसपास कुछ मुनाफा बुक कर सकते हैं, जबकि बाकी लॉन्ग पोजीशन को 22,950 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं।
PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजारों में तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट में सुस्त भागीदारी के बावजूद, सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 0.6% की बढ़त दर्ज की गई। IT और फार्मा शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.9% और 1.6% की गिरावट आई, जो निवेशकों के बीच बने सतर्कता के सेंटीमेंट का संकेत है। हालांकि,मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है,जो भारत के आयात बिल, महंगाई और मुद्रा की स्थिरता के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
डॉलर के मुकाबले रुपया ₹95.22 पर खुला। वहीं,महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
आगे कंपनियों के मजबूत नतीजों और घरेलू निवेशकों के रुख से इक्विटी बाजारों को सहारा मिल सकता है। लेकिन,विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए,निवेशकों को बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और फंडामेंटल रूप से मजबूत कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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