Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 27 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 483 अंक बढ़कर लगभग 73,607 पर बंद हुआ। यह अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 1,000 अंक सुधरा। वहीं, निफ्टी 153 अंक की बढ़त के साथ 22,753 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग से बाजार को रिकवरी में मदद मिली

अपडेटेड Oct 26, 2026 पर 4:37 PM
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Market Outlook : सुदीप शाह के मुताबिक आगे बैंक निफ्टी के लिए 53800-53700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है, क्योंकि पिछला 'स्विंग लो' इसी दायरे में है

Market Outlook : 26 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,750 के आसपास सेटल हुआ है। बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 पर और निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। आज दौरान 2262 शेयरों में तेजी आई, 1895 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 186 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैब्स, बीएसई लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील, मैक्स हेल्थकेयर और एटरनल शामिल रहे, जबकि श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई।

एफएमसीजी (FMCG), मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि इंफ्रा, आईटी, प्राइवेट बैंक और एनर्जी सेक्टर में 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।


बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाज़ार तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 483 अंक बढ़कर लगभग 73,607 पर बंद हुआ। यह अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 1,000 अंक सुधरा। वहीं, निफ्टी 153 अंक की बढ़त के साथ 22,753 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद, 'वैल्यू बाइंग' (सस्ते शेयरों की खरीदारी) से बाज़ार को रिकवरी में मदद मिली।

वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों ने कई शेयरों में तेज़ी लाने का काम किया। कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29.5% बढ़ा, जिसके बाद इसके शेयरों में 2% से ज़्यादा की उछाल आया। डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज के शेयरों में 7.51% की तेज़ी आई, जबकि इंडियन ओवरसीज़ बैंक का नेट प्रॉफिट 56% बढ़ने के बाद इसके शेयरों में लगभग 6% की बढ़त देखी गई। एथर एनर्जी के तिमाही प्रदर्शन में आए बड़े सुधार के चलते इसके शेयरों में भी जबरदस्त तेजी आई।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही, और मेटल इंडेक्स 1.91% ऊपर चढ़ा। फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

बाजार में रिकवरी के बावजूद, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये की कमजोरी जैसे कारण अभी भी बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। बाजार की नजर आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भी एक अहम घटना होगी जिस पर सबकी नजर रहेगी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबर कर हरे निशान में बंद हुए। इसमें वैल्यू बाइंग और मेटल, पावर और हेल्थ सेक्टर के शेयरों में आई खरीदारी का योगदान रहा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फेड, ईसीबी और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों से पहले बरती जा रही सतर्कता ने बाजार के रुख को संतुलित बनाए रखा। पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला, हालांकि निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही बने रहे और उन्होंने मुनाफे में मजबूती और बेहतर वैल्यूएशन वाले शेयरों को प्राथमिकता दी।

तिमाही नतीजों से संकेत मिलता है कि पावर प्रोडक्शन, मेटल और रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों में कमोडिटी-आधारित मुनाफे में बढ़ होगी, लेकिन एनर्जी की ऊंची लागत और ब्याज दरों से आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की ग्रोथ में कमी आने का अनुमान है।

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का कहना है कि निफ्टी 50 के लिए 21,800 – 22,000 पर सपोर्ट और 23,100 – 23,300 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी की तरह ही, आने वाले हफ्ते में भी इस बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) देखने को मिल सकती है। पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा और वीकली चार्ट पर यह 'बेयरिश कैंडलस्टिक' पैटर्न के साथ बंद हुआ। बैंक निफ्टी के लिए 52,200 – 52,700 पर सपोर्ट और 56,300 – 55,800 पर रेजिस्टेंस है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर, विक्रम कसाट ने कहा कि बाजार में आई रिकवरी यह दिखाती है कि मेटल, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी हुई है, न कि पूरे बाजार के सेंटीमेंट में कोई बड़ा सुधार आया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें (ब्रेंट क्रूड लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का गिरकर 95.19 के स्तर पर पहुंचना, महंगाई, कंपनियों के मार्जिन और विदेशी निवेशकों के निवेश के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। हालांकि सोना और चांदी वैश्विक लेवल पर जोखिम लेने की इच्छा (रिस्क एपेटाइट) के अहम इंडीकेटर बने हुए हैं, लेकिन निवेशकों को करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव और एनर्जी की कीमतों में अस्थिरता पर भी नजर रखनी चाहिए। आगे चलकर, बाजार में आई यह तेजी कितनी टिकेगी, यह कंपनियों के तिमाही नतीजों, पश्चिम एशिया की घटनाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सोच-समझकर चुनाव करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी कमाई का आउटलुक मजबूत हो, बैलेंस शीट टिकाऊ हो और वैल्यूएशन सही हो।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में रिकवरी आने से पहले इसने इंट्राडे में 22387 का निचला स्तर छुआ। अंत में, यह इंडेक्स 0.68% की बढ़त के साथ 22750 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इसने एक 'बुलिश कैंडल' बनाई है, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी 'शैडो' है।

तकनीकी रूप से, निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो यह दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर 'कंसोलिडेशन' (consolidation) के संकेत दे रहे हैं, जिसका मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार एक दायरे में (sideways) रह सकता है।

आगे चलकर, 22880-22900 का दायरा इंडेक्स के लिए एक तात्कालिक रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स 22900 के स्तर के ऊपर टिक जाता है तो मौजूदा पुलबैक रैली 23050 के स्तर तक जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, 22630-22600 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी

सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी' को अपने पिछले स्विंग लो के पास सपोर्ट मिला, जिसके बाद इसमें एक पुलबैक देखने को मिला। यह इंडेक्स 0.15% की बढ़त के साथ 54366 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर, इसने 'हैमर' जैसी कैंडल बनाई है, जो निचले स्तरों से खरीदारी आने का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 53800-53700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है, क्योंकि पिछला 'स्विंग लो' इसी दायरे में है। जब तक इंडेक्स 53700 के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान पॉजिटिव रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी में शुरुआती दौर में 55000 के स्तर तक एक पुलबैक देखने को मिल सकता है और इसके बाद निकट भविष्य में यह 55600 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

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