Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook :जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर का कहना है कि बाज़ार में सुधार के बावजूद,कमज़ोर मार्केट ब्रेड्थ से पता चलता है कि बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव के साथ सुस्ती का दौर जारी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
Market Outlook : सुदीप शाह का कहना है कि आगे बैंक निफ्टी के लिए 56000–55900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 55900 के नीचे बना रहता है तो 55500 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है
Market Outlook : 11 सितंबर को एक और उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,400 के लेवल के आसपास बंद होने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। आज लगभग 1773 शेयरों में बढ़त हुई, 2373 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, HDFC बैंक, ITC, टेक महिंद्रा और विप्रो निफ्टी में बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स और ONGC सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।
सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.5% बढ़ा। वहीं, मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई,जबकि ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% गिरा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची ब्याज दरों की चिंता ने घरेलू शेयर बाज़ार पर दबाव बनाया,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। प्रोड्यूसर महंगाई में बढ़ोतरी और मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़त की संभावना को मज़बूत किया है। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ी और FII की बिकवाली जारी रही। हालांकि,यूरोपीय बाज़ारों में अच्छी शुरुआत के बाद कुछ खास सेक्टरों (खासकर IT) में वैल्यू बाइंग की वजह से बाज़ार दिन के निचले स्तरों से संभल गया।
बाज़ार में सुधार के बावजूद,कमज़ोर मार्केट ब्रेड्थ से पता चलता है कि बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव के साथ सुस्ती का दौर जारी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,लेकिन मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और संस्थागत निवेशकों के सपोर्ट से निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है। ऐसे में किसी बड़ी गिरावट का डर नहीं है और मध्यम अवधि के नजरिए से बाज़ार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,सेशन के पहले हिस्से के बाद बिकवाली का दबाव जारी नहीं रहा और इंडेक्स में निचले स्तरों से थोड़ी शॉर्ट-कवरिंग देखी गई। निफ्टी दिन के निचले स्तर से लगभग 200 अंक सुधरा। हालांकि यह 0.34% नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर लगातार गिरावट के बाद इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाया,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,एक ठोस रिकवरी की पुष्टि के लिए आगे भी लगातार बढ़त जारी रहने की जरूरत होगी।
टेक्निकल नज़रिए से डेली RSI अभी भी 40 ज़ोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह मंदी के रुख (बेयरिश बायस) के बने रहने का संकेत है। निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे भी ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर कमज़ोर बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX और हाई लेवल पर बना इंडिया विक्स ग्लोबल अनिश्चितता के बीच ट्रेंड की तेजी और लगातार उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहे हैं। निकट भविष्य में स्ट्रक्चर में ठोस सुधार के लिए लगातार खरीदारी की जरूरत होगी।
आगे निफ्टी के लिए 23250–23230 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,जो आज के निचले स्तर के आसपास है। अगर यह 23230 के नीचे बना रहता है,तो 23080 के स्तर की ओर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 23600–23620 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी 23620 के ऊपर बना रहता है,तो पुलबैक 23800 के स्तर तक बढ़ सकता है।
बैंक निफ्टी का आउटलुक
सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,जोरदार शॉर्ट कवरिंग की वजह से इसमें दिन के निचले स्तर से लगभग 890 अंकों की रिकवरी देखी गई। बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर लोअर विक (lower wick) के साथ एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। गैप-डाउन ओपनिंग के बावजूद इंडेक्स 0.24% ऊपर बंद हुआ,जो निचले स्तरों पर खरीदारों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।
आगे बैंक निफ्टी के लिए 56000–55900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 55900 के नीचे बना रहता है तो 55500 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ 57100–57200 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख सकता है,जबकि 57200 के ऊपर बने रहने पर पुलबैक 57500 के स्तर तक बढ़ सकता है।
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