Market outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 23 जनवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market trend: निफ्टी ने 22 जनवरी को अपने पिछले सत्र के निचले स्तर 22,980 के पास सपोर्ट हासिल किया और डेली चार्ट पर एक हैमर ट्वीजर बॉटम कैंडलस्टिक बनाया। ये मंगलवार की गिरावट के बाद 23,350 के स्तर की ओर संभावित रिकवरी का संकेत है

अपडेटेड Jan 22, 2025 पर 5:08 PM
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Stock market : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 22 जनवरी को भारी-उठापटक बाद बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार आज टेक्नोलॉजी से शेयरों की मजबूती के दम पर सात महीने के निचले स्तर से उबरता दिखा। हालांकि,ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स काफी पिछड़ गए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 566 अंक (0.75 फीसदी) बढ़कर 76,404 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 130 अंक (0.57 फीसदी) बढ़कर 23,155 पर बंद हुआ। आज मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। आज 1,110 शेयरों में तेजी रही। 2,677 में गिरावट देखने को मिली। वहीं,107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। विश्लेषकों का मानना ​​है किअगर निफ्टी आगामी सत्रों में 23,000 के ऊपर बना रहा तो इसमें और तेजी आ सकती है।

23 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी ने 22 जनवरी को अपने पिछले सत्र के निचले स्तर 22,980 के पास सपोर्ट हासिल किया और डेली चार्ट पर एक हैमर ट्वीजर बॉटम कैंडलस्टिक बनाया। ये मंगलवार की गिरावट के बाद 23,350 के स्तर की ओर संभावित रिकवरी का संकेत है। हालांकि, तेजी कायम रहने की संभावना तभी मजबूत होगी जब निफ्टी 23,500 से ऊपर बंद होगा। इसी लेवल पर इसका 21-डे ईएमए स्थित है। जब तब तक ऐसा नहीं होता तब तक सतर्कता बरतने की सलाह होगी। शॉर्ट टर्म ट्रेडर 23,000-23,350 रेंज पर फोकस कर सकते हैं। 23,000 पर निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,350-23,400 के जोन में इंडेक्स के लिए रेजिस्टेंस दिख रहा है।


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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि एक बड़े निजी बैंक के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद बढ़ी वोलैटिलिटी के बीच बेंचमार्क इंडेक्सों में उछाल आया। आईटी सेक्टर ने हाल के नुकसान से उबरते हुए बढ़त हासिल की,जबकि मिड और स्मॉल-कैप शेयरों ने वैल्युएशन से जुड़ी चिंताओं के कारण खराब प्रदर्शन जारी रखा। बैंकिंग और आईटी के अलावा,अधिकांश सेक्टरों में नुकसान दर्ज किया गया। जिसमें रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा पिटा है। अमेरिका, चीन पर कम टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। ये खबर बाजार को अस्थायी राहत दे सकती है। लेकिन मूलभूत चिंताएं बनी हुई हैं। डॉलर इंडेक्स में नरमी रुपये की कमजोरी पर लगाम लगा सकती है।

 

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