जब बाजार में रिकॉर्डतोड़ रैली थी,तब प्राइमरी मार्केट भी जोरदार एक्शन में थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। नए लिस्ट हुए शेयरों पर दबाव बढ़ रहा है। लिस्टिंग के हीरो अब गिरावट का सामना कर रहे हैं। इस पर पूरे डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने बताया कि लिस्टिंग के हीरो कैसे फुस्स हो गए हैं। ममता मशीनरी अपनी लिस्टिंग से 45 फीसदी टूट गया है। वहीं, DAM कैपिटल लिस्टिंग प्राइस से 41 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इंडो फार्म इक्विपमेंट भी अपनी लिस्टिंग प्राइस से 33 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं, मोबिक्विक लिस्टिंग प्राइस से 22 फीसदी टूट चुका है। ACME सोलर लिस्टिंग से 20 फीसदी फिसल चुका है।
इश्यू प्राइस से सबसे ज्यादा टूटे शेयर
इश्यू प्राइस से सबसे ज्यादा टूटे शेयरों पर नजर डालें तो ACME सोलर 289 रुपए के अपने आईपीओ प्राइस से 37 फीसदी टूट गया है। वहीं, सुरक्षा डायग्नोस्टिक अपने 441 रुपए के आईपीओ प्राइस से 33 फीसदी नीचे है। कैरारो इंडिया का आईपीओ प्राइस 704 रुपए था। ये स्टॉक अपने आईपीओ प्राइस से 32 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। हुंडई 1960 रुपए के अपने आईपीओ प्राइस से 15 फीसदी टूट चुका है। जबकि, 701 रुपए आईपीओ प्राइस वाला कॉनकॉर्ड 2 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहा है।
DAM कैपिटल, ममता मशीनरी और कॉनकॉर्ड एनवायरो का 30 दिन का लॉक-इन आज खत्म हो गया है। जबकि सनातन टेक्सटाइल्स का लॉक-इन 23 जनवरी को। वेंटिव हॉस्पिटैलिटी का लॉक-इन 24 जनवरी को, सेनोरस फार्मा का लॉक-इन 24 जनवरी को और कैरारो इंडिया का भी लॉक-इन 24 जनवरी को खत्म होगा।
10 फीसदी और टूट सकता है बाजार, उसके बाद आएगा सुधार
गौरतलब है कि बेंचमार्क सेंसेक्स पिछले साल सितंबर के अपने ऑलटाइम हाई से लगभग 10,000 अंक या 11.5 फीसदी नीचे आ चुका है, लेकिन अधिकांश बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार वर्तमान स्तर से 10 और गिर सकता है। यह मनीकंट्रोल के ताजे मार्केट पोल के प्रमुख निष्कर्षों में से एक है। इस पोल में ब्रोकिंग फर्म, म्यूचुअल फंड, एआईएफ, पीएमएस और स्वतंत्र विशेषज्ञों सहित विभिन्न श्रेणियों के लगभग 45 उत्तरदाताओं ने भाग लिया।
इनमें से 63 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि बाजार में मौजूदा स्तर से 10 फीसदी की और गिरावट आ सकती है, उसके बाद यह नीचे से सुधरना शुरू करेगा। वहीं, 28 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि बाजार मौजूदा स्तर से 10-20 फीसदी और गिरेगा। बाकी 9 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि हम चालू वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। अब यहां से सुधार की उम्मीद है। बता दें कि 1 जनवरी से अब तक निफ्टी में 2.85 फीसदी और सेंसेक्स में 3.2 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।