Market Outlook : बाजार में तेजी का सिलसिला रहा कायम, जानिए 19 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook :निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,इंटरग्लोब एविएशन,ट्रेंट,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में इंफोसिस,मारुति सुजुकी,टेक महिंद्रा,टाटा कंज्यूमर और टीसीएस शामिल रहे
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 4:34 PM
Market Outlook : निफ्टी अगले कुछ सेशन में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव दिखा सकता है। हालांकि,24,200 के ऊपर एक मजबूत चाल रैली के अगले चरण की शुरुआत कर सकती है
Market Outlook : 18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,150 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ। लगभग 2280 शेयरों में बढ़त देखी गई,1772 शेयरों में गिरावट आई और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,इंटरग्लोब एविएशन,ट्रेंट,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में इंफोसिस,मारुति सुजुकी,टेक महिंद्रा,टाटा कंज्यूमर और टीसीएस शामिल रहे।
IT और एनर्जी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,फार्मा,PSU बैंक,प्राइवेट बैंक और रियल्टी में 0.5% की बढ़त रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई। 18 जून को भारतीय रुपया लगातार पांचवें सेशन में भी मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे की बढ़त के साथ 94.33 पर बंद हुआ,जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 94.53 पर बंद हुआ था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करते रहे और पॉजिटिव रुख कायम रहा। US-ईरान शांति समझौते को लेकर बना शुरुआती उत्साह US फेड के सख्त बयानों से कुछ कम हो गया। एनर्जी की बढ़ी कीमतों के कारण बना महंगाई का दबाव केंद्रीय बैंकों को साल की दूसरी छमाही में ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर कर सकता है। जिससे निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में कमी से FY27 की दूसरी छमाही में महंगाई की चिंताएं कुछ हद तक कम हो सकती हैं। बाजार शांति समझौते पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। मज़बूत क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद और सेक्टर के आकर्षक वैल्यूएशन के कारण बैंकिंग शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
PL कैपिटल के हेड एडवाइजरी,विक्रम कसाट ने कहा कि आज घरेलू शेयर बाजारों ने जोरादार मजबूती दिखाई। ग्लोबल स्तर पर मिले-जुले संकेतों के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम स्तर से ऊपर बना रहा और सेंसेक्स भी पॉज़िटिव रहा। US फेड के सख़्त रुख के बाद शुरुआती दौर में जो सावधानी देखी गई थी,उसे घरेलू बाजार में आई जबरदस्त खरीदारी ने बेअसर कर दिया।
HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों और मेटल शेयरों ने बाजार को सपोर्ट दिया जिसमें वेदांता सबसे आगे रही। मुख्य सेक्टरों में इस तरह की जबरदस्त खरीदारी दलाल स्ट्रीट के मज़बूत ढ़ांचे का संकेत है।
हाल के हाई के बाद बाजार में एक स्वाभाविक कंसोलिडेशन हो रहा है,लेकिन भारत की घरेलू ग्रोथ की मज़बूत कहानी बरकरार है। ऐसे में गिरावट पर खरीदारी करने के लिए लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका है।
बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी और सेंसेक्स 82 और 254 अंक ऊपर बंद हुए। बाजार के मज़बूत बने रहने की एक मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का कम होना रही। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना रहा,जबकि WTI क्रूड 75 डॉलर के आसपास ट्रेड करता रहा।
U.S. फ़ेड ने ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर ही बनाए रखा है। यह लगातार चौथी बैठक है जिसमें दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि,फ़ेड ने संकेत दिया है कि इस साल के आखिर में दरों में एक बार और बढ़ोतरी हो सकती है। भारत-UK ट्रेड एग्रीमेंट से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस बीच,NSE ने SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा करके अपने लंबे समय से प्रतीक्षित IPO की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। 30,000 करोड़ रुपये का यह प्रस्तावित इश्यू भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफ़रिंग बन सकता है।
टाटा मोटर्स ने बढ़ती इनपुट लागत की भरपाई के लिए 1 जुलाई से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5% तक की बढ़ोतरी की भी घोषणा की। कुल मिलाकर, कच्चे तेल की कम कीमतों और ट्रेड से जुड़ी सकारात्मक खबरों का असर फेड के सख्त रुख (hawkish outlook) से जुड़ी चिंताओं पर भारी पड़ा। अब निवेशक बाजार की आगे की दिशा समझने के लिए मॉनसून की प्रगति,विदेशी निवेश के प्रवाह और महंगाई के रुझानों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही,लेकिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। हालांकि,हालिया उछाल के बाद भी माहौल में सावधानी के साथ उम्मीद बनी हुई है। कच्चे तेल की गिरती कीमतें और रुपये में सुधार ने कमजोर सेंटीमेंट को सुधारने में मदद की है,लेकिन FII की बिकवाली और अब तक कमजोर मॉनसून की वजह से मीडियम टर्म में निवेशक सतर्क रहेंगे।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी आज अपने पिछले स्विंग हाई के ऊपर बंद हुआ। यह बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। कुल मिलाकर,आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और RSI बुलिश क्रॉसओवर में है। हालांकि, हमें सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि निफ्टी ने सिर्फ़ छह सेशन में लगभग 1,000 अंको की रैली दिखाई है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि इससे ट्रेंड में बदलाव का संकेत मिले,लेकिन अगली दिशा तय होने से पहले शर्ट टर्म में कंसोलिडेशन का दौर देखने को मिल सकता है।
निफ्टी अगले कुछ सेशन में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव दिखा सकता है। हालांकि,24,200 के ऊपर एक मजबूत चाल रैली के अगले चरण की शुरुआत कर सकती है,जिससे इंडेक्स और ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है। नीचे की ओर,24,000 पर सपोर्ट है,जिसके बाद 23,800 पर अगला बड़ा सपोर्ट होगा। जबकि रेजिस्टेंस 24,200 और 24,500 पर नजर आ रहा है।
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