Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals:जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है

अपडेटेड Aug 29, 2026 पर 8:15 AM
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Market Technicals:SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।


डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

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