Market today: क्रेडिट पॉलिसी के बाद सुस्त पड़ा बाजार,सेंसेक्स 216 तो निफ्टी 82 अंक गिरकर बंद

जब तक निफ्टी 18650 के नीचे बना रहेगा इसमें और करेक्शन आने की आशंका बनी रहेगी और निफ्टी हमें 18500-18425 की तरफ जाता दिख सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 18650 के ऊपर जाता है तो फिर ये तेजी 18750-18800 की तरफ जा सकती है

अपडेटेड Dec 07, 2022 पर 9:56 PM
बैंक निफ्टी अभी भी 43000-42900 के जोन में स्थित अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहा है

RBI पॉलिसी के बाद आज बाजार में गिरावट दिखी। निफ्टी 18600 के नीचे पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। आज रियल्टी, एनर्जी और मेटल शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। IT और फार्मा शेयरों में भी कमजोरी रही। हालांकि FMCG शेयरों में खरीदारी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 216 अंक गिरकर 62411 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 82 अंक गिरकर 18561 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी बैंक 40 अंक गिरकर 43099 पर बंद हुआ। हालांकि निफ्टी बैंक 43000 के ऊपर बरकरार रहने में कामयाब रहा। मिडकैप 187 अंक गिरकर 32308 पर बंद हुआ।

निफ्टी के 50 में से 41 शेयरों में गिरावट रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयरों में दबाव देखने को मिला। जबकि निफ्टी बैंक के 12 में से 7 शेयरों में गिरावट रही। उधर डॉलर के मुकाबले रुपया आज 15 पैसे मजबूत होकर 82.47 के स्तर पर बंद हुआ।

बाजार जानकारों का कहना है कि आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट में 0.35 फीसदी की बढ़त कर दी लेकिन आरबीआई गवर्नर का टोन हॉकिस बना रहा। बाजार अनुमान लगा रहा था कि अब गवर्नर शक्तिकांत दास की तरफ से दरों में बढ़ोतरी थमने या इसमें कमी आने के कोई संकेत मिलेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिसके चलते बाजार को निराशा हुई है। इसके अलावा आरबीआई ने जीडीपी अनुमान में भी कटौती कर दी है। इससे भी मार्केट सेंटीमेंट पर निगेटिव असर पड़ा है।


गुरुवार को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Kotak Securities के श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। रेपो रेट में बढ़त के चलते EMI में बढ़ोतरी की चिंता के कारण आज रियल्टी और ऑटो शेयरों की पिटाई हुई। आरबीआई की तरफ से दरों में की गई बढ़त उम्मीद के मुताबिक ही रही है। आरबीआई ने महंगाई के खिलाफ लड़ाई का अपना संकल्प जारी रखने की बात कही है। इससे आगे दरों में और बढ़त होने का संकेत साफ है। इससे ग्रोथ पर निगेटिव असर पड़ सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी अभी भी लोअर टाप फॉर्मेशन बनाए हुए है। इसने डेली चार्ट पर एक छोटा बियरिश कैंडल भी बनाया है। ये बाजार के लिए एक निगेटिव संकेत है। ट्रेडर्स को सलाह है कि जब तक निफ्टी 18650 के नीचे बना रहेगा इसमें और करेक्शन आने की आशंका बनी रहेगी और निफ्टी हमें 18500-18425 की तरफ जाता दिख सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 18650 के ऊपर जाता है तो फिर ये तेजी 18750-18800 की तरफ जा सकती है।

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शेयरखान के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि 7 दिसंबर को निफ्टी काफी वोलेटाइल रहा और ये 18600 के नीचे बंद हुआ। ये पहली सुरक्षा दीवार के टूटने जैसा है। आगे निफ्टी के लिए 18500 का स्तर काफी अहम होगा। यही निफ्टी की आगे की दिशा तय करेगा। अगर क्लोजिंग बेसिस पर 18500 का स्तर टूट जाता है तो फिर बाजार एक बार फिर से शॉर्ट टर्म कंसोलीडेशन मोड में चला जाएगा। वहीं, अगर निफ्टी ये स्तर बचाए रखने में कामयाब रहता है तो फिर बुल्स एक बार फिर से बाजार की लगाम पकड़ते दिख सकते हैं। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 18650-18670 पर सबसे पहली बाधा दिख रही है। उधर बैंक निफ्टी अभी भी 43000-42900 के जोन में स्थित अपने शॉर्ट टर्म सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहा है।

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