Market view: निफ्टी का टेक्निकल रिबाउंड अभी भी जारी, 24000 का लेवल मुमकिन,इन दो शेयरों में होगी बंपर कमाई
Market view: मिलन वैष्णव का मानना है कि Nifty 50 की मौजूदा काउंटर-ट्रेंड रैली में अभी भी कुछ तेज़ी बाकी है। राहत रैली Nifty 50 को 24,000 के स्तर तक ले जा सकती है। कंसोलिडेशन की स्थिति में 23,000 का स्तर सुरक्षित रहने की उम्मीद है
Market view: ऐसा लगता है कि मौजूदा काउंटर-ट्रेंड रैली में अभी भी कुछ दम बाकी है। अगर कोई नई खराब बात सामने नहीं आती है तो यह राहत रैली 24,000 के स्तर तक पहुंच सकती है
Market view : जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवाइजरी सर्विसेज के CMT और फाउंडर मिलन वैष्णव का मानना है कि Nifty 50 में चल रही मौजूदा काउंटर-ट्रेंड रैली में अभी भी कुछ दम बाकी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नई खराब खबर नहीं आती है तो यह राहत रैली 24,000 के स्तर तक कायम रह रह सकती है। उन्हें उम्मीद है कि भले ही बाज़ार में कंसोलिडेशन हो, निफ्टी 23,000 का स्तर बनाए रखने में कामयाब रहेगा।
Bank Nifty पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाल का स्विंग हाई या 55,500 का स्तर इंडेक्स के लिए एक शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। बैंक निफ्टी ने लीड इंडिकेटर पर बुलिश डाइवर्जेंस दिखाया है। ऐसे में अगर Nifty अपनी रैली को आगे बढ़ाता है तो हम Nifty Bank को Nifty के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए भी देख सकते हैं।
क्या आपको चार्ट्स और पैटर्न फॉर्मेशन्स से मिलने वाले मज़बूत संकेतों से यह उम्मीद है कि Nifty 50 में आगे और तेज़ी आएगी?
सबसे पहले तो यह कि मैं इसे रैली नहीं कहूंगा। सही मायनों में अभी जो हम देख रहे हैं वह एक 'टेक्निकल रिबाउंड' है। एक तरह से,हम इसे 'काउंटर-ट्रेंड'रैली कह सकते हैं। इसके बावजूद,हमें यह समझना होगा कि फ़िलहाल हम डेली चार्ट पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे हैं। थोड़ा और पीछे हटकर देखें,तो यह भी साफ़ है कि हमने 100-हफ़्ते के MA को निर्णायक रूप से तोड़ दिया है,जो अभी 24,461 पर है।
अब,इस रैली की स्थिरता या तकनीकी उछाल की बात करें तो ऐसा लगता है कि मौजूदा काउंटर-ट्रेंड रैली में अभी भी कुछ दम बाकी है। अगर कोई नई खराब बात सामने नहीं आती है तो यह राहत रैली 24,000 के स्तर तक पहुंच सकती है।
डेरिवेटिव्स डेटा से यह पता चलता है कि अगर हम अगली दो एक्सपायरीज़ को जोड़ दें (जिसमें सोमवार को पड़ने वाली एक्सपायरी भी शामिल है) तो 23,000 के स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा 'पुट ओपन इंटरेस्ट' का जमावड़। इसके अलावा,इस स्तर पर 'कॉल अनवाइंडिंग' भी काफी ज़्यादा देखने को मिली है। इसलिए,भले ही बाज़ार में कुछ कंसोलीडेशन हो, इस बात की उम्मीद है कि 23,000 का स्तर सुरक्षित बना रहेगा।
Nifty की अगली चाल के लिए किन अहम स्तरों पर नज़र रखनी चाहिए और यहां से आपकी ट्रेडिंग रणनीति क्या है?
ट्रेडिंग की रणनीति सीधी-सादी होगी। इस टेक्निकल उछाल का फ़ायदा उठाना चाहिए। इस उछाल में निफ्टी के 23,800 से 24,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। निफ्टी में 22,900 के स्टॉपलॉस की सलाह होगी।
क्या आपको लगता है कि आने वाले सेशंस में Bank Nifty 56,000 के लेवल से ऊपर जा सकता है?
यह आंकड़ा 55,500 होना चाहिए न कि 56,000। यह हाल का सबसे ऊंचा स्तर (swing high) है और यह Nifty Bank Index के लिए शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस इंडेक्स ने लीड इंडिकेटर पर बुलिश डाइवर्जेंस दिखाया है। ऐसे में अगर Nifty अपनी बढ़त जारी रखता है,तो Nifty Bank, Nifty के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
शॉर्ट टर्म के लिए आपकी दो टॉप पिक्स कौन सी हैं?
एशियन पेंट्स ने अपनी गिरावट के पिछले दौर में,कीमत के मुकाबले RSI में मज़बूत तेज़ी का संकेत (bullish divergence) दिया है। इस प्रक्रिया में इसने अपने लिए प्रभावी रूप से एक निचला स्तर (bottom)बना लिया है। पिछले बंद भाव 2,270 रुपये से इसमें लगभग 7 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है।
अदानी पावर ने भी OBV (ऑन-बैलेंस वॉल्यूम) पर कुछ अलग रुझान दिखाए हैं। इस वॉल्यूम ऑसिलेटर ने कीमत में उछाल आने से पहले ही एक नया हाई बनाया है,जो इस स्टॉक में ज़ोरदार खरीदारी (accumulation) का संकेत देता है। पिछले बंद भाव 153.65 रुपये से,यह स्टॉक आने वाले हफ़्तों में 7-8 प्रतिशत तक का रिटर्न दे सकता है। दोनों ही स्टॉक्स में एक अच्छा रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो बनाए रखने के लिए,हमें खरीदने की कीमत से लगभग 4 प्रतिशत नीचे एक डिफेंसिव स्टॉपलॉस लगाना चाहिए।
क्या आप चार्ट सिग्नल्स के आधार पर HDFC Bank और Shriram Finance पर दांव लगाने के पक्ष में हैं?
HDFC Bank पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए एक अच्छा विकल्प है। हो सकता है कि ट्रेडिंग के लिहाज़ से यह सबसे अच्छा स्टॉक न हो,लेकिन 18 से 24 महीनों की निवेश अवधि में अच्छा-खासा रिटर्न (alpha)पाने के लिए इसमें निवेश किया जा सकता है।
Shriram Finance एक ऐसा स्टॉक है जो एक बड़ी रेंज में कंसोलीडेट हो सकता है। इसकी तकनीकी बनावट HDFC Bank से अलग है। जब तक Shriram Finance का भाव 890 रुपये से ऊपर रहता है,तब तक आप इसमें निवेशित रह सकते हैं। अगर भाव इससे नीचे जाता है,तो आपको इससे बाहर निकलना होगा।
क्या कल्याण ज्वेलर्स और PI इंडस्ट्रीज़ खरीदने का यह सही समय है?
कल्याण ज्वेलर्स में एक तकनीकी उछाल कुछ और समय तक जारी रह सकता है। लेकिन यह स्टॉक अभी भी कई महीनों से चले आ रहे एक बड़े गिरावट के दौर में बना हुआ है। जिनके पास ये शेयर है वो स्टॉक को ₹360 से नीचे स्टॉप-लॉस लगाकर होल्ड कर सकते हैं। हालांकि, इसमें नया निवेश करने की सलाह नहीं होगी।
PI Industries के साथ भी यही बात लागू होती है। इसमें किसी बड़े ट्रेंड रिवर्सल (रुझान में बदलाव) के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। हो सकता है कि कुछ तकनीकी उछाल (rebound) देखने को मिले,लेकिन यह स्टॉक अभी किसी बड़े ट्रेंड रिवर्सल से काफी दूर है। आप 2,770 रुपये से नीचे एक प्रोटेक्टिव स्टॉप-लॉस लगाकर इसे होल्ड कर सकते हैं,लेकिन यहां नई एंट्री करने की सलाह नहीं होगी।
FIIs की मौजूदा स्थिति क्या है?
इस पूरे महीने FIIs नेट सेलर रहे हैं। हालांकि,वे अभी भी नेट शॉर्ट पोजीशन पर बने हुए हैं और किसी भी बाहरी ट्रिगर के मिलते ही वे एक तेज़ शॉर्ट-कवरिंग मूव में शामिल हो सकते हैं।
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