Maruti Suzuki ने पेश किया देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, शेयरों ने मनाया जश्न

Maruti Suzuki Share Price: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने देश का पहला फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वेईकल पेश किया तो इसके शेयर चमक उठे। मारुति ने वैगन आर (Wagon R) के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल पेश किया है। जानिए इसकी खास बात क्या है जिसका स्वागत स्टॉक मार्केट में भी हुआ और इसे लेकर निवेशक उत्साहित क्यों हैं

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 2:15 PM
Maruti Suzuki ने नई दिल्ली में वर्ल्ड एंवायर्नमेंट डे के मौके पर देश का पहला फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वेईकल पेश किया है।

Maruti Suzuki Share Price: एक तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) रेड और ग्रीन जोन में झूल रहे हैं तो दूसरी तरफ मारुति सुजुकी के शेयर शुरुआती गिरावट से पूरी तरह उबर गए। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने देश का पहला फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वेईकल पेश किया तो शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक उछल पड़े। हालांकि इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.35% की बढ़त के साथ ₹13,100 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 1.58% चढ़कर ₹13,260.00 तक पहुंच गया था। पिछले साल 5 जून 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹12,019.75 पर था जिससे यह 7 महीने में 44.53% चढ़कर 5 जनवरी 2026 को ₹17,371.60 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।

क्या खास है Maruti की नई पेशकश में

मारुति सुजुकी ने नई दिल्ली में वर्ल्ड एंवायर्नमेंट डे के मौके पर देश का पहला फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वेईकल पेश किया है। यह वैगन आर (Wagon R) के वर्जन में लॉन्च हुआ है। फ्लेक्स-फ्यूल का मतलब है कि यह पेट्रोल पर भी चलेगी और साथ ही E100 (100% एथेनॉल) तक के एथेनॉल ब्लेंडिंग पर भी। इससे कार खरीदने वालों के फ्यूल ऑप्शंस भी मिलेंगे और सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को भी बढ़ावा मिलेगा। इसकी लॉन्चिंग के मौके पर सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उपस्थित रहे।


सरकार दे रही बढ़ावा

मारुति ने देश का पहला-फ्लेक्स वेईकल ऐसे समय में लॉन्च किया है, जब सरकार ने कुछ ही समय पहले एथेनॉल वाले फ्यूल को लेकर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का विस्तार किया था। मई में सरकार ने E22, E25, E27 और E30 समेत हायर इथेनॉल-पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए नोटिफिकेशन लाया जिससे देश के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के अगले चरण का रास्ता मजबूत हुआ।

15 मई को जारी नोटिफिकेशन के तहत BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) ने स्टैंडर्ड IS 19850:2026 पेश किया जिससे स्पार्क-इग्निशन इंजन वाली गाड़ियों में इस्तेमाल के लिए पेट्रोल में 22-30% तक एनहाइड्राइड एथेनॉल मिलाने को लेकर क्वालिटी और परफॉरमेंस जुड़े मानक तय हुए। इनका उद्देश्य एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों का दायरा बढ़ाना है क्योंकि भारत अपने मौजूदा E20 ब्लेंडिंग टारगेट से आगे बढ़ना चाहता है। सरकार ने एथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने से फायदे को लेकर लगातार जागरुक किया है जैसे कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, एग्रीकल्चर सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा और गाड़ियों से उत्सर्जन में कमी आएगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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