शुक्रवार को छोटे-मझोले शेयरों के इंडेक्स निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 में 3 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके साथ ही, इनमें लगातार सातवें सत्र में गिरावट देखने को मिल रहा है। इनका प्रदर्शन बेंचमार्क निफ्टी (जिसमें 1 प्रतिशत की गिरावट आई) के मुकाबले कमजोर दिख रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स ने इस भारी गिरावट के पीछे कई कारणों को जिम्मेदार बताया है। इनमें कच्चे तेल की कीमतें में उछाल और सितंबर तिमाही के कॉर्पोरेट अर्निंग्स में इसके असर जैसे कारण शामिल हैं।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 3.63 प्रतिशत गिरकर 17,611.40 के निचले स्तर पर आ गया है। पिछले सात सत्रों में इस इंडेक्स में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। दोनों में मार्जिन कॉल ट्रिगर होने से भी पैनिक सेलिंग बढ़ रही है। इनकी MTF बुक रिकॉर्ड लेवल पर है। छोटे-मझोले शेयरों की MTF लेवरेज बुक 1.56 लाख करोड़ के पार चली गई है। इसमें पिछले साल अक्टूबर 2025 के मुकाबले 39% का भारी उछाल देखने को मिला है। अक्टूबर 2025 में MTF लेवरेज बुक 1.13 लाख करोड़ रुपए थी। कुल MTF लेवरेज का 64% से ज्यादा हिस्सा मिड और स्मॉलकैप में है।
एक्सिस डायरेक्ट के फंडामेंटल रिसर्च के डिप्टी हेड उत्तम कुमार श्रीमल ने कहा कि ब्रॉडर मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, विदेशी इन्वेस्टरों की निकासी और महंगाई में बढ़त की वजह से तेज गिरावट आई है। MTF बुक में तेज बढ़त और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर दबाव की चिंताओं ने भी इन दबाव बनाया । लगातार सात सेशन की गिरावट के बाद,खासकर मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी के ज़्यादा रहने की संभावना है। हालांकि इनके वैल्यूशन और अर्निंग्स को लेकर कोई बड़ी चिंता का बात नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को घबराहट में बिकवाली करने से बचना चाहिए, लेकिन साथ ही सोच-समझकर शेयरों का चुनाव करना चाहिए। उन्हें ऐसी कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिनकी बैलेंस शीट मजबूत हो,जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही हो,जिनका कैश फ्लो अच्छा हो और जिनका वैल्यूएशन सही हो। बाजार में कोई भी टिकाऊ रिकवरी कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने,ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और दूसरी तिमाही के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा स्तरों पर एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय,टुकड़ों में निवेश करना बेहतर रहेगा।
इंडेक्स में शामिल 100 कंपनियों में से 96 कंपनियां लाल निशान में कारोबार कर रही थीं। TD पावर सिस्टम्स सबसे ज्यादा गिरने वाली कंपनी है,जिसमें 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इसके बाद अर्बन कंपनी, आइनॉक्स विंड, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और करूर वैश्य बैंक का नंबर है,जिनमें 7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
निफ्टी मिडकैप 100 भी दबाव में है और 2.73 प्रतिशत गिरकर 55,501.15 के निचले स्तर पर आ गया है। इस इंडेक्स में लगातार सातवें सत्र में गिरावट देखने को मिल रही है और इस दौरान इसमें लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ.रवि सिंह की राय है कि ब्रॉडर मार्केट का नियर टर्म आउटलुक निगेटिव बना हुआ है। इसमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उन्होंने निवेशकों को सतर्क रहने और फंडामेंटल रूप से मजबूत कंपनियों पर फोकस करने की सलाह दी है। साथ ही,उन्होंने कहा कि जब तक बाजार के स्टेबल होने के स्पष्ट संकेत न मिलें,तब तक आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5% से नीचे आना कुछ राहत दे सकता है।
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