एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट यानी ED ने RM ड्रिप और R&B डेनिम के शेयर में गड़बड़ी के मामले में कड़ा एक्शन लिया है। ED ने 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की है। व्हाट्सऐप ग्रुप्स से दोनों शेयर खरीदने की राय दी गई थी। शेयर बाजार में इस गड़बड़ी पर ED ने बड़ा एक्शन लेते हुए ED ने मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, सूरत और गांधीनगर में 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की है।
RM ड्रिप और R&B डेनिम में गड़बड़ी के मामले में इन दोनों कंपनियों के दफ्तर,प्रमोटरों के घर और ब्रोकिंग फर्मों पर छापे मारे गए हैं। इन पर व्हाट्सऐप ग्रुप से शेयर खरीदने की सलाह देकर फंसाने का आरोप है। इस पर एक लाख से ज्यादा छोटे निवेशकों को झांसा देनें का आरोप है। कुछ ही दिनों में दोनों शेयरों के भाव 70% टूटे हैं जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ है।
कैसे हुआ दो शेयरों में खेला?
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच इन कंपनियों के कन्वर्टिबल वारंट जारी हुए। ED का कहना है कि आपस में कनेक्टेड लोगों ने RM ड्रिप और R&B डेनिम में पैसे लगाए। Multibagger Stocks जैसे नाम वाले व्हाट्सऐप ग्रुप में इन पर खरीदारी की राय दी गई। ये व्हाट्सऐप ग्रुप दूसरे लोगों के सिम से चलाए जा रहे थे।
बताया गया है कि 25 फरवरी को WhatsApp ग्रुप अचानक डिलीट कर दिए गए। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमतों में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। इससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई है। गिरावट के दौरान कई निवेशकों को अपने शेयर बेचने में भी परेशानी हुई।
मुंबई शहर छापेमारी के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्ति के कागजात जब्त किए हैं। एजेंसी मामले में धन के स्रोत, शेयरों के लेनदेन और कथित हेरफेर से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
WhatsApp ग्रुप्स पर SEBI की चेतावनी
इस बीच मार्केट रेगुलेटर SEBI ने भी निवेशकों को WhatsApp ग्रुप्स के बारे में चेतावनी दी है। सेबी ने एक प्रेस रिलीज जारी करके इनवाइट ऑनली WhatsApp ग्रुप्स को लेकर निवेशकों को सतर्क किया है। सेबी का कहना है कि धोखेबाज लोग इनवाइट ऑनली WhatsApp ग्रुप्स चला रहे हैं। अक्सर ये विदेशी नंबरों से चलाए जाते हैं। इसे चलाने वाले मार्केट एक्सपर्ट होने का दावा करते हैं। इनमें फ्री एजुकेशन के नाम पर अवैध तरीके से कॉल्स दी जाती है। जब ऐसे ग्रुप्स को बंद किया जाता है तो वो दूसरे नंबर से एक्टिव हो जाते हैं।