कंपनी को EV सेक्टर से मिल रहा लगातार काम, Q2 में मुनाफा 68% उछला, रिजल्ट आते ही भागा शेयर
ऑटो पार्ट्स बनाने वाली Minda Corporation ने FY27 की दूसरी तिमाही में दमदार नतीजे दिए हैं। मुनाफा 68% और रेवेन्यू 42% से ज्यादा बढ़ा है, जबकि नए ऑर्डर में EV प्रोडक्ट्स की बड़ी हिस्सेदारी रही। बोर्ड ने जॉइंट वेंचर Minda HCMF Technologies में 37 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को भी मंजूरी दी है
Minda Corporation ने FY27 की दूसरी तिमाही में दमदार नतीजे दिए हैं।
ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली Minda Corporation ने FY27 की सितंबर तिमाही में शानदार कमाई की है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 68.2% बढ़कर 143 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 85 करोड़ रुपये था। इस दौरान रेवेन्यू भी 42.6% की बढ़त के साथ 2,189 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को इस तिमाही में कई प्रोडक्ट सेगमेंट में बड़े ऑर्डर मिले और इन नए ऑर्डर में करीब 35% हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV से जुड़े प्रोडक्ट्स का रहा।
मुनाफे में 58 करोड़ का इजाफा
नतीजों को आंकड़ों की नजर से देखें तो कंपनी की हर बड़ी लाइन में अच्छी बढ़त दिखती है। पिछले साल सितंबर तिमाही में जहां कंपनी ने 85 करोड़ रुपये कमाए थे, वहीं इस बार ये आंकड़ा 143 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यानी एक साल में तिमाही मुनाफा 58 करोड़ रुपये बढ़ गया।
रेवेन्यू में भी लंबी छलांग लगी है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 1,535 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2,189 करोड़ रुपये हो गया है। यानी कंपनी की बिक्री में 654 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी मजबूत रही। EBITDA सालाना आधार पर 44.4% बढ़कर 257 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 178 करोड़ रुपये था। EBITDA की बढ़त रेवेन्यू की बढ़त से भी तेज रही, यानी कंपनी ने बिक्री के साथ-साथ कमाई की क्वालिटी भी बनाए रखी।
हर 100 रुपये के नए ऑर्डर में करीब 35 रुपये EV से
इस तिमाही की सबसे बड़ी बात कंपनी के नए ऑर्डर हैं। Minda Corporation ने कई प्रोडक्ट सेगमेंट में बड़े ऑर्डर हासिल किए। इनमें EV से जुड़े प्रोडक्ट्स का हिस्सा करीब 35% रहा। इसे ऐसे समझिए कि कंपनी को अगर 100 रुपये के नए ऑर्डर मिले, तो उनमें से करीब 35 रुपये के ऑर्डर इलेक्ट्रिक गाड़ियों से जुड़े प्रोडक्ट्स के थे।
कंपनी ने बताया कि अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल में बड़े ऑर्डर मिलने से उसकी ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत हुई है।
Minda Corporation के चेयरमैन और ग्रुप CEO अशोक मिंडा ने कहा कि कंपनी अपनी लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर लगातार आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, इसमें गाड़ियों के अहम सेगमेंट में मांग और सभी बिजनेस में अच्छे एग्जीक्यूशन का साथ मिला है।
अशोक मिंडा ने कहा, “Q2FY27 में नए ऑर्डर में EV से जुड़े प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 35% रही, जो ज्यादा स्मार्ट, कनेक्टेड और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर इंडस्ट्री के बदलाव को लेकर हमारी प्रगति को दिखाती है।”
जॉइंट वेंचर Minda HCMF में 37 करोड़ तक का नया निवेश
नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने एक अहम फैसला भी लिया। बोर्ड ने Minda HCMF Technologies Private Limited में 37 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। ये HCMF Co. Ltd. के साथ Minda Corporation का 50:50 जॉइंट वेंचर है।
ये निवेश 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 3 करोड़ इक्विटी शेयर सब्सक्राइब करके किया जाएगा। प्रस्तावित अलॉटमेंट के बाद इस जॉइंट वेंचर में Minda Corporation का कुल निवेश बढ़कर करीब 60 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके बदले कंपनी के पास करीब 6 करोड़ इक्विटी शेयर होंगे।
ये पहली बार नहीं है जब कंपनी ने अपनी ग्रुप कंपनियों में पैसा लगाया हो। इस साल के दौरान Minda Corporation ने अपनी तीन ग्रुप कंपनियों, Spark Minda Green Mobility Systems Private Limited, Minda HCMF Technologies Private Limited और Spark Minda–Toyodenso India Private Limited में कुल 80 करोड़ रुपये का निवेश किया था। ये पैसा इन कंपनियों के कारोबार को बढ़ाने के लिए लगाया गया।
चाकण में 270 करोड़ का प्लांट
Minda Corporation अब ज्यादा कीमत वाले ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अपनी पकड़ बढ़ाने पर जोर दे रही है। मौजूदा नतीजे इसी तैयारी के बीच आए हैं।
अगस्त में कंपनी ने पुणे के चाकण में करीब 270 करोड़ रुपये के निवेश से एक ग्रीनफील्ड प्लांट लगाने की योजना का ऐलान किया था। इस प्लांट में ऑटो सेक्टर के लिए थिन-फिल्म ट्रांजिस्टर यानी TFT डिस्प्ले बनाए जाएंगे। ग्रीनफील्ड का मतलब है कि ये प्लांट बिल्कुल नए सिरे से खड़ा किया जाएगा।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिंडा ने कहा था कि इस प्रोजेक्ट से विदेश से आने वाली डिस्प्ले पर निर्भरता कम होगी और देश में मैन्युफैक्चरिंग और गहरी होगी। इस प्रोजेक्ट को सरकार की स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स एंड सेमीकंडक्टर्स यानी SPECS के तहत मंजूरी मिल चुकी है।
2030 तक पैसेंजर व्हीकल का हिस्सा 25% करने का लक्ष्य
कंपनी ने आने वाले सालों के लिए अपने टारगेट भी साफ रखे हैं। अगस्त में CNBC-TV18 से अलग बातचीत में कंपनी के ग्रुप CFO और प्रेसिडेंट, फाइनेंस एंड स्ट्रैटेजी अजय अग्रवाल ने बताया था कि कंपनी 2030 तक अपने रेवेन्यू में पैसेंजर व्हीकल बिजनेस का हिस्सा बढ़ाकर 25% करना चाहती है। फिलहाल ये हिस्सा करीब 19% है।
अजय अग्रवाल के मुताबिक, इस बढ़त में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरिंग हार्नेस, सनरूफ और EV से जुड़े नए प्रोडक्ट्स की बड़ी भूमिका होगी।
EV बिजनेस को लेकर भी कंपनी के इरादे बड़े हैं। कंपनी अपने EV बिजनेस का योगदान 14% से बढ़ाकर 20-25% तक ले जाना चाहती है। इसके लिए नए प्रोडक्ट लॉन्च और पार्टनरशिप का सहारा लिया जाएगा।
नतीजे आते ही भागा शेयर
नतीजों के ऐलान के बाद Minda Corporation के शेयर में जोरदार तेजी दिखी। दोपहर 3 बजे के करीब कंपनी ने नतीजे पेश किए और 3:03 पर शेयर 7% से ज्यादा चढ़कर 714 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. हालांकि, इसके तुरंत बात शेयर में गिरावट भी आ गई और मार्केट बंद होने के बाद शेयर की क्लोजिंग प्राइस 684.60 रुपये रही. जबकि दिन का निचला स्तर 647.85 रुपये रहा।
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